
जबलपुर. तेज धूप असहनीय हो रही है। विशेषकर दिनभर फील्ड पर रहने वाले लोगों को गर्म हवा के थपेड़े झुलसा रहे हैं। इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। लोगों में डिहाइड्रेशन से लेकर चक्कर खाकर गिरने, उल्टी-दस्त की समस्या हो रही है। ऐसे में गर्मी से बचाव के लिए चिकित्सक गला को तर करने और पेट को शीतल रखने की सलाह दे रहे हैं। जिससे कि सेहत न बिगड़े। इसके लिए वे दही, छाछ, पुदीना, नींबू पानी, नारियल पानी जैसे नेचुरल एनर्जी ड्रिंक लेने की सलाह दे रहे हैं। इसके साथ ही छेना का रसगुल्ला भी तत्काल एनर्जी देने वाला है। इसके अलावा वे दिन में सत्तू लेने की भी सलाह दे रहे हैं।
सुपाच्य सब्जियां ले- गर्मी का असर लोगों के पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। चिकित्सकों के अनुसार ऐसे में कटहल, मुनगा जैसी गरिष्ठ सब्जियों का ज्यादा सेवन पाचन तंत्र को भी प्रभावित करता है। इसे देखते हुए लौकी, गिलकी, परवल जैसी सुपाच्य सब्जियां भोजन में शामिल करें।
ये न खाएं
आयुर्वेद के चिकित्सकों का कहना है कि अंकुरित अनाज ले सकते हैं, लेकिन उसकी मात्रा कम रखें।
पेय करें शामिल
गर्मी से बचाव के लिए आयुर्वेद के विशेषज्ञ आम का पना, मीठा दही, छाछ, नारियल का पानी, ठंडा दूध, पुदीना का शरबत, नींबू पानी, गन्ना के ताजे रस को फायदेमंद बता रहे हैं। वहीं मेंगोशेक बनाते समय ये ध्यान रखें कि आम मीठा हो। खट्टे आम का दूध के साथ शेक न बनाएं।
मौसमी फल रखेंगे शीतल
डायटीशियन के अनुसार मौसमी फल तरबूज, खरबूज, आम, संतरा, मौसमी, ककड़ी, खीरा का सेवन शरीर में पानी की मात्रा को संतुलित रखता है, तुरंत एनर्जी भी देता है।
शरीर में पानी की मात्रा कम होने और ऊर्जा का स्तर प्रभावित होने का सीधा असर शरीर पर पड़ता है, तेज गर्मी के कारण ये समस्या बढ़ गई है। ऐसे में अपने आहार में प्राकृतिक शीतल पेय व मौसमी फल शामिल करें। जिससे गला तर रहे और पेट को शीतल रखा जा सके, ऐसा करने से गर्मी का शरीर पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा और बीमार होने से बचा जा सकता है।
डॉ. पंकज मिश्रा, चिकित्सक, आयुर्वेद कॉलेज अस्पताल, गौरीघाट
Updated on:
11 May 2024 02:20 pm
Published on:
11 May 2024 01:57 pm

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