
पीसीओडी यानी पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज एक हार्मोनल विकार है जिसमें ओवेरीज में सिस्ट बनने लगती हैं। फूड हैबिट्स, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और स्ट्रेस के चलते होने वाला मोटापा महिलाओं को इस बीमारी से ग्रसित कर रहा है। किशोरावस्था में भी लड़कियों में पीसीओडी के मामले काफी सामने आ रहे हैं। महिलाओं में इस बीमारी की वजह से कंसीव करने में समस्या पैदा होती है। जरूरी यह है कि उन्हें इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों के बारे में पता हो।
लक्षण पहचानें : लड़कियों और महिलाओं में जब मोटापा बढऩे लगता है तो सतर्कता जरूरी है। मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी से बढ़ा मोटापा हार्मोन्स पर भी दुष्प्रभाव डालता है। इससे ही पीरियड्स में अनियमितता, फेशियल हेयर्स बढऩा और आर्मपिट में डार्कनेस जैसे लक्षण आने लगते हैं।
तनाव मुक्त रहें
पीसीओडी का टीनएज गल्र्स में सबसे बड़ा कारण स्ट्रेस देखा गया है। पढ़ाई के तनाव की वजह से वे अधिक भोजन करने लगती हैं जिससे मोटापा बढ़ता है। इससे हार्मोन्स में असंतुलन पैदा होता है।
खानपान पर ध्यान दें
फास्टफूड न खाएं। पौष्टिक खानपान पर ध्यान दें। फाइबर, विटामिन ई और ओमेगा थ्री फैटी एसिड अधिक लें। डिब्बाबंद चीजों से परहेज करें।
फिजिकली एक्टिव बनी रहें
व्यायाम को रुटीन में शामिल करें। सुबह योग व प्राणायाम अवश्य करें। महिलाएं यह न सोचें कि घरेलू कार्य पूरे कर लेने से ही उनके व्यायाम की आवश्यकता पूरी हो जाती है। शारीरिक रूप से एक्टिव बनी रहें। टहलें या साइकिलिंग करें। मी टाइम निकालें।
Published on:
25 Sept 2023 07:25 pm
बड़ी खबरें
View Allमहिला स्वास्थ्य
स्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
