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न करें एल्युमिनियम फॉइल का ज्यादा इस्तेमाल

आज एल्युमिनियम फॉइल के लगातार बढ़ते इस्तेमाल को देखकर दुनियाभर के विशेषज्ञ चिंतित हैं।

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Amanpreet Kaur

Jan 14, 2018

Aluminium foil

Aluminium foil

आज एल्युमिनियम फॉइल के लगातार बढ़ते इस्तेमाल को देखकर दुनियाभर के विशेषज्ञ चिंतित हैं। उनकी चिंता जायज भी है क्योंकि रिसर्च में सामने आया है कि कुकिंग, बेकिंग और ग्रिलिंग आदि में काम में लिए जाने वाले फॉइल आपके खाने को दूषित करते हैं, जिससे सेहत से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।

क्या हैं नुकसान

वैज्ञानिक भी लगातार इस ओर अध्ययन कर रहे हैं कि अत्यधिक मात्रा में एल्युमिनियम के मानव शरीर पर क्या दुष्प्रभाव हैं और कुछ चिंता में डालने वाले नतीजे भी उनके सामने आए हैं। मसलन शोधकर्ताओं ने पाया है कि एल्जाइमर्स से पीडि़त रोगियों के ब्रेन टिश्यू में ज्यादा मात्रा में एल्युमिनियम जमा हुआ है। इसके अलावा यह भी देखा गया है कि इसका ज्यादा सेवन मानव कोशिकाओं की वृद्धि दर को कम करता है और यह हड्डी व गुर्दे के रोगियों के लिए काफी हानिकारक हो सकता है।

क्या हैं कारण

वर्ष 2012 में हुई एक स्टडी में फॉइल में पकाए जाने वाले खाने में एल्युमिनियम की कितनी मात्रा प्रवेश कर जाती है इसकी पड़ताल करने की कोशिश की गई। यह मात्रा अलग-अलग पाई गई जो कि खाद्य वस्तु के तापमान और एसिडिटी पर निर्भर थीए लेकिन यह साफ था कि खाने में एल्युमिनियम का प्रवेश हुआ था। इस स्टडी में बताया गया कि तापमान जितना ज्यादा होगा उतनी ही ज्यादा मात्रा में एल्युमिनियम खाने में घुलेगा। वहीं यह खाने में मौजूद पीएच की मात्रा पर भी निर्भर करता है।

कितनी मात्रा सुरक्षित

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक मानव शरीर एक निश्चित मगर बहुत ही कम मात्रा में एल्युमिनियम को रिलीज कर सकता है। सटीक आंकड़ों में कहें तो शरीर के प्रति किलोग्राम वजन पर 40 मिग्रा तक एल्युमिनियम शरीर के लिए सुरक्षित है लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि ज्यादातर लोग इसका सेवन इससे कहीं ज्यादा मात्रा में कर रहे हैं।

न रखें टिफिन में

फॉइल का उपयोग बच्चों के टिफिन में कम से कम करें। कभी खुद चेक करके देखें कि अगर आप गर्म खाना फॉइल में लपेट देती हैं तो वह काली पड़ जाती है। फॉइल का प्रयोग जरूरी हो तो खाना ठंडा करके रखें या फिर सूती रुमाल में रोटी रखें।

हल बहुत हैं

एल्युमिनियम हमारे शरीर को कैसे नुकसान पहुंचा सकता है, यह कई तत्वों पर निर्भर करता है जैसे कि आपका संपूर्ण स्वास्थ्य कैसा है और आपका शरीर इसकी कितनी मात्रा को झेल सकता है। बहरहाल इसके नुकसानों से बचने का केवल एक ही उपाय दिखाई देता है और वह है इसका कम से कम उपयोग। सब्जियों की ग्रिलिंग के लिए स्टील की ग्रिलिंग बास्केट का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि इसे साफ करने में आपको निश्चित रूप से थोड़ी परेशानी होगी लेकिन सेहत के लिए इतना तो कर ही लें। ओवन में सब्जियों को रोस्ट करने के लिए ग्लास पैन और बेकिंग के लिए खाने को लपेटने के लिए केले के पत्तों का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा आलू एल्युमिनियम फॉइल में लपेटे बिना ही आराम से बेक हो जाते हैं। इसके अलावा आप आलुओं को स्टेनलेस स्टील की शीट पर भी बेक कर सकती हैं।