Myanmar Violence: म्यांमार में सेना और विद्रोही गुटों के बीच चल रहा सशस्त्र संघर्ष गंभीर होता जा रहा है। इस जंग में अब सेना (जुंटा) की तरफ से हवाई हमले भी शुरू हो गए हैं जिससे म्यांमार के लोग अपनी जान बचाने के लिए भारत आ रहे हैं।
म्यांमार में सेना (म्यांमार जुंटा) और विद्रोही गुटों के बीच चल रहा सशस्त्र संघर्ष रुकने की जगह गंभीर होता जा रहा है। इस हिंसा की वजह से म्यांमार में स्थिति काफी बिगड़ गई है। म्यांमार में विद्रोही गुटों की बगावत से सैन्य शासन को चुनौती भी मिल रही है। ऐसे में दोनों पक्ष एक- दूसरे पर हमले कर रहे हैं। पहले ये हमले गोलीबारी और जमीनी बमबारी तक ही सीमित थे, पर अब हवाई हमले भी शुरू हो गए हैं। म्यांमार में चल रही इस हिंसा का असर देश के लोगों पर भी पड़ रहा है। खावमावी और रिहखावदार में दो सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए गए हैं लेकिन इन हमलों से म्यांमार के लोगों में डर का माहौल है। म्यांमार में स्थिति बिगड़ने की वजह से लोग अपनी जान बचाने के लिए भारत में घुस रहे हैं।
5,000 लोगों ने मिज़ोरम में ली शरण
म्यांमार सेना की ओर से मंगलवार को भारतीय सीमा के पास चिन राज्य में पीपुल्स डिफेंस फोर्सेज़ (पीडीएफ) के ठिकानों पर की किए गए हवाई हमलों के बाद करीब 5,000 लोग भारत की बॉर्डर पार करके घुस आए और मिज़ोरम में शरण के लिए आ गए। इनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल है। इन लोगों ने मिज़ोरम के चम्फाई जिले के जोखावथर में शरण ली है। यहाँ पर यंग मिज़ो एसोसिएशन और दूसरे लोकल लोग इन शरणार्थियों की मदद कर रहे हैं।
मिज़ोरम के 6 जिलों की बॉर्डर जुड़ती है म्यांमार से
भारतीय राज्य मिज़ोरम के 6 जिलों की बॉर्डर मिज़ोरम से जुड़ती है। ये जिले चम्फाई, सियाहा, लांग्टलाई, सेरछिप, हनाथियाल और सैतुअल हैं और इनकी 510 किलोमीटर लंबी बॉर्डर म्यांमार से जुडी हुई है।
2021 से म्यांमार में सैन्य शासन लागू
1 फरवरी, 2021 को म्यांमार जुंटा ने देश की सरकार का तख्तापलट कर दिया था। तभी से म्यांमार में सैन्य शासन लागू है। म्यांमार जुंटा के सत्ता में आते ही पूर्व सरकार के सभी मुख्य नेताओं को भी हिरासत में ले लिया गया था।
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