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वॉशिंगटन। अब से ठीक 12 दिन बाद 24 फरवरी को रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को एक साल पूरा हो जाएगा। इस विनाशकारी युद्ध के चलते दुनिया पर परमाणु युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। पूरी दुनिया में चिंता है कि ये युद्ध कैसे रुकेगा। यही सवाल जब व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी से पूछा गया कि दोनों देशों के बीच युद्ध कैसे रोका जा सकता है तो उन्होंने कहा है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्य को कर सकते हैं। वह पुतिन को इसके लिए मना सकते हैं।
नहीं हुई देर, प्रयास करें पीएम मोदी
व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस दिशा में वे जो भी प्रयास करने के इच्छुक हैं, वो करने दूंगा। संयुक्त राज्य अमरीका ऐसे हर प्रयास का स्वागत करेगा, जिससे यूक्रेन में शत्रुता समाप्त हो सकती है। किर्बी उस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या पीएम मोदी के लिए यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को रोकने या राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को समझाने में बहुत देर हो चुकी है?
डोभाल की पुतिन से मुलाकात के बाद आया बयान
जॉन किर्बी यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, मुझे लगता है कि युद्ध को रोकने के लिए पुतिन के पास अभी भी समय है। मुझे लगता है कि पीएम मोदी पुतिन को मना सकते हैं। मैं पीएम मोदी को कहूंगा वह जो भी प्रयास करें, हम स्वागत करते हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा, हमें लगता है कि युद्ध आज खत्म हो सकता है और होना भी चाहिए। व्हाइट हाउस का यह बयान इसलिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के एक दिन बाद ही यह बयान आया है।
युद्ध के लिए सिर्फ पुतिन जिम्मेदार
किर्बी ने कहा, यूक्रेनी लोगों के साथ जो हो रहा है उसके लिए एकमात्र जिम्मेदार व्यक्ति व्लादिमीर पुतिन हैं और वह इसे अभी रोक सकते हैं। इसके बजाय, वह क्रूज मिसाइलों से यूक्रेन में ऊर्जा और बिजली के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर रहे हैं।
जेलेंस्की तय करें, कब करना है बातचीत
किर्बी ने कहा, जब भी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की यह तय करें कि इस मुद्दे पर बातचीत का समय आ गया है और वही एकमात्र व्यक्ति हैं जो इसके लिए संकल्प कर सकते हैं। वही ये निर्णय सबसे मजबूत हाथ से कर सकते हैं।
पुतिन और जेलेंस्की से कई बार हुई पीएम की बात
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से कई बार बात की है। उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के मौके पर, पीएम मोदी ने पुतिन से कहा था, प्रिय मित्र, मैं जानता हूं कि आज का युग युद्ध का नहीं है। इस मुद्दे पर हमारे बीच कई बार फोन पर बात हुई है कि लोकतंत्र, कूटनीति और संवाद पूरी दुनिया को छूते हैं। पीएम मोदी के इस बयान का पूरी दुनिया के कई राष्ट्रप्रमुखों ने स्वागत किया था।
जेलेंस्की ने भी मांगी थी भारत से मदद
पिछले साल दिसंबर में जेलेंस्की ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की जी-20 की अध्यक्षता के सफल कार्यकाल की शुभकामना के लिए फोन किया था। इस वार्ता के बारे में खुद जेलेंस्की ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि जी-20 के मंच पर मैंने एक युद्ध रोकने लिए एक पीस फॉर्म्यूला जिक्र किया था। मैंने पीएम मोदी से बातचीत में इस पीस फॉर्म्यूला के अमल के लिए भारत का समर्थन मांगा है। मैंने उन्हें उनकी मानवीय मदद और यूएन में किए गए समर्थन के लिए भी धन्यवाद दिया है।
Published on:
11 Feb 2023 11:20 pm
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