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अमरीका के डिफॉल्ट होने का खतरा बढ़ा, अब बस 1 जून तक का समय

सरकार की कर्ज लेने की सीमा बढ़ाए जाने को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन और हाउस स्पीकर केविन मैकार्थी के बीच मंगलवार को हुई वार्ता एक बार फिर बेनतीजा खत्म हो गई।

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सरकार की कर्ज लेने की सीमा बढ़ाए जाने को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन और हाउस स्पीकर केविन मैकार्थी के बीच मंगलवार को हुई वार्ता एक बार फिर बेनतीजा खत्म हो गई। लेकिन इस बार दोनों नेताओं ने वार्ता के बाद जो बयान जारी किए उससे लगता है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। फिलहाल रिपब्लिकन नेता मैकार्थी ने सरकार की उधारी लिमिट को 31.4 लाख करोड़ डॉलर से अधिक बढ़ाने से इंकार कर दिया है, जब तक कि अमरीकी राष्ट्रपति और डेमोक्रेट्स खर्च में कटौती करने तथा सोशल सिक्योरिटी कार्यक्रम के लाभार्थियों के लिए नए मानदंडों को नहीं मान लेते हैं। गौरतलब है कि अमरीका की कुल अर्थव्यस्था 23 ट्रिलियन डॉलर की है।


अमरीका डिफॉल्ट हुआ तो मंदी

जानकारों का कहना है कि अगर अमरीका अपने खर्च के भुगतान पर डिफॉल्ट करता है तो मंदी आ जाएगी। अमरीका का 30 से 40 प्रतिशत खर्च यूरोप और अन्य देशों के भुगतानों से जुड़ा होता है। इसलिए इसका असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर देखने को मिलेगा।