Israel-Hamas War: इज़रायल और हमास के बीच चल रही जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है और इस वजह से हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। कई देश इस युद्ध में इज़रायल को समर्थन दे चुका है जिनमें अमेरिका भी शामिल है। इसी के तहत अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इज़रायल के दौरे पर भी रवाना हो गए हैं।
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच चल रही जंग रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। 7 अक्टूबर को हमास के आतंकियों ने गाज़ा स्ट्रिप (Gaza Strip) से इज़रायल पर करीब 5,000 रॉकेट्स दागकर जंग की शुरुआत की थी। हमास के इस हमले के बाद इज़रायल ने भी गाज़ा स्ट्रिप और आसपास के इलाकों पर एयर स्ट्राइक्स के ज़रिए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है जो अभी भी जारी है। इस जंग को चलते हुए 5 दिन पूरे हो गए हैं। इस जंग की वजह से दोनों पक्षों के 3,600 से ज़्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। इसमें इज़रायल और फिलिस्तीन के नागरिक, इज़रायली सैनिक और फिलिस्तीनी आतंकी शामिल हैं। इस जंग में कई देश इज़रायल के प्रति अपना समर्थन व्यक्त कर चुके हैं। इनमें अमेरिका (United States Of America) भी शामिल है।
अमेरिका का इज़रायल को पूरा समर्थन
अमेरिका और इज़रायल के बीच अच्छे संबंध हैं। इसी के चलते इज़रायल के हमास के खिलाफ चल रहे युद्ध में अमेरिका ने इज़रायल को खुले तौर पर पूरा समर्थन देने की घोषणा कर दी है। अगर ज़रूरत पड़े, तो अमेरिका की तरफ से इज़रायल को ज़रूरी मदद भी मुहैया कराई जाएगी। इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने फोन पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) से बात भी की थी और उन्हें युद्ध की पूरी स्थिति से अवगत कराया था।
बाइडन ने कॉल पर नेतन्याहू को यह भी कहा, "अगर अमेरिका के साथ वो हुआ होता जो इज़रायल के साथ हुआ, तो अमेरिका की प्रतिक्रिया तेज़, निर्णायक और ज़बरदस्त होती। आतंकवादी जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाते हैं और उनकी हत्या करते हैं। हम युद्ध के नियमों का पालन करते हैं।"
एंटनी ब्लिंकन हुए इज़रायल दौरे पर रवाना
इज़रायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) आज इज़रायल दौरे पर रवाना हो गए हैं। ब्लिंकन तेल अवीव (Tel Aviv) में इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) और अन्य वरिष्ठ इज़रायली नेताओं से मुलाकात करेंगे और युद्ध के बारे में चर्चा करेंगे। साथ ही इज़रायल को दी जाने वाली जरुरी मदद के बारे में भी ब्लिंकन चर्चा करेंगे।