विदेश

अमेरिकी आयोग ने कहा, भारत में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा और भेदभाव बढ़ा, RAW पर प्रतिबंध लगाएं

America and RAW: अमेरिकी आयोग ने भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव पर चिंता जताते हुए RAW पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। हालांकि, यह सिफारिशें कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं, और अमेरिकी सरकार पर इसका प्रभाव कम हो सकता है।

2 min read
Mar 26, 2025
US Commision

America and RAW: अमेरिका (America) के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने भारत में अल्पसंख्यकों (minorities), विशेषकर मुस्लिम और ईसाई समुदायों के प्रति भेदभाव (discrimination) और बुरे व्यवहार को लेकर चिंता जताई है। आयोग का कहना है कि भारत में इन समुदायों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव बढ़ रहा है, और यह अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के सिद्धांतों का उल्लंघन है। आयोग ने यह मामला बहुत गंभीरता से उठाया है और भारतीय जासूस एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW ) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। ध्यान रहे कि अमेरिका के प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप( Donald Trump) टैरिफ को लेकर भारत पर बहुत बोलते रहे हैं और अप्रवासी भारतीयों को हाथों में हथकड़ियां और पैरों में बेड़ियां डाल कर ​विमान में भारत भेजने पर भारत में इस पर पहले ही रोष है।

RAW पर आरोप और प्रतिबंध की सिफारिश

USCIRF ने RAW पर आरोप लगाया है कि वह एजेंसी कथित तौर पर सिक्ख अलगाववादियों के खिलाफ हिंसा में शामिल रही है। हालांकि, भारत सरकार और RAW ने इन आरोपों को निराधार बताया है। आयोग की सिफारिशों के बावजूद, अमेरिकी सरकार को इस बारे में कोई ठोस कदम उठाने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि यह सिफारिशें सिर्फ सलाह होती हैं, जिनका पालन करना जरूरी नहीं है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सरकार के लिए RAW पर प्रतिबंध लगाने की संभावना बहुत कम है, क्योंकि यह एक संवेदनशील और जटिल मसला है, जो दोनों देशों के संबंधों पर असर डाल सकता है।

भारत की प्रतिक्रिया और विवाद

अमेरिका की इस सिफारिश को भारतीय आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप माना जा सकता है, और भारत सरकार ने इसकी आलोचना की है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह सिफारिश भारतीय संप्रभुता का उल्लंघन है, और अमेरिका को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। भारत के लिए यह सवाल भी उठता है कि अमेरिका, जो खुद प्रवासी और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर सवालों का सामना करता है, कैसे भारत की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी कर सकता है।

रिसर्च एंड एनालिसिस विंग : एक नजर

रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) भारत की प्रमुख विदेशी खुफिया एजेंसी है, जो भारतीय सुरक्षा और विदेशी खुफिया जानकारी जुटाती है। इसे 1968 में स्थापित किया गया था और इसका उद्देश्य भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है। रॉ (RAW) प्रमुख रूप से आतंकवाद, बाहरी खतरों, और भारतीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर काम करती है और पाकिस्तान, चीन जैसे देशों के खिलाफ खुफिया जानकारी जुटाने में सक्रिय रहती है।

क्या ट्रंप प्रशासन आयोग की सिफारिशों पर कार्रवाई करेगा ?

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सरकार पर भारत के खिलाफ सख्ती बरतने का दबाव है, लेकिन पैनल की सिफारिशें कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं और इस पर तत्काल कोई ठोस कार्रवाई होने की संभावना भी कम है। इसलिए, हालांकि यह सिफारिश चर्चा का विषय बनी हुई है, लेकिन इसे लेकर भविष्य में कोई बड़ा कदम उठाए जाने की संभावना बहुत कम ही है।

दोनों देशों के रिश्ते और व्यापारिक सहयोग की दिशा में एक विवादास्पद मोड़

बहरहाल यह घटनाक्रम भारत-अमेरिका रिश्तों में कड़वाहट को जन्म दे सकता है। अमेरिकी आयोग की आलोचना और सिफारिशों के बावजूद, दोनों देशों के रिश्ते और व्यापारिक सहयोग की दिशा में यह मुद्दा एक विवादास्पद मोड़ ले सकता है, जिसका असर भविष्य में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है।

Also Read
View All

अगली खबर