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PM बनते ही एक्शन में आए बालेन शाह, भारत विरोधी बयान देने वाले नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया है। जेन-जेड प्रदर्शन के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

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नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली। (फोटो- IANS)

Nepal EX PM KP sharma Oli Arrested : नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया है। बालेन शाह ( Balen Shah) के पीएम पदभार संभालने के 24 घंटे के भीतर यह कार्रवाई हुई है। ओली को जेन-जेड प्रदर्शन (Gen-Z Protest) के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नेपाल पुलिस ने पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया है। केपी शर्मा ओली ने कहा कि राजनीतिक द्वेष के चलते उनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई है।

कोई भी कानून से ऊपर नहीं है: सुदान गुरंग

पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी पर काठमांडू पुलिस का बयान आया है। पुलिस प्रवक्ता ओम अधिकारी ने कहा कि वे आज सुबह गिरफ्तार किए गए और कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया चलेगी। ओली की गिरफ्तारी के कुछ मिनट बाद ही बालने शाह की सरकार में गृह मंत्री सुदान गुरुंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वादा है और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। हमने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को नियंत्रण में ले लिया है। यह किसी से बदला नहीं है, बल्कि न्याय की शुरुआत है। मुझे विश्वास है कि अब देश नई दिशा लेगा।

जेन-जेड प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में मारे गए 70 से ज्यादा लोग

साल 2025 के सितंबर में दो दिनों के हिंसक विरोध प्रदर्शनों में 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद ओली सरकार गिर गई थी। ये प्रदर्शन भ्रष्टाचार के खिलाफ जेन-जेड युवाओं के नेतृत्व में हुए थे। नेपाल की प्रतिनिधि सभा के चुनाव के बाद एक उच्च-स्तरीय जांच आयोग गठित किया गया। आयोग ने प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की जांच की। बालेन शाह ने अपने पहले कैबिनेट की बैठक में आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का फैसला लिया। इसके बाद नेपाल के पूर्व पीएम ओली और पूर्व गृहमंत्री की गिरफ्तारी हुई।

क्या है उस रिपोर्ट में

रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक समेत उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों की लापरवाही का जिक्र करते हुए अधिकतम 10 साल की सजा की सिफारिश की गई है।