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बिटकॉइन बनाने वाले का खुला राज़! लिखने के पैटर्न से पहचान का दावा

Bitcoin Creator's Identity: क्या बिटकॉइन बनाने वाले का राज़ खुल गया है। हाल ही में उसके लिखे के पैटर्न से उसकी पहचान उजागर होने का दावा किया गया है।
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भारत

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Tanay Mishra

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Updated: 10 Apr 2026, 11:34 AM IST

करीब दो दशक से बिटकॉइन के निर्माता सातोशी नाकामोटो की पहचान दुनिया के सबसे बड़े रहस्यों में से एक बनी हुई है। अब अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट ने दावा किया है कि बिटकॉइन का असली जनक कोई और नहीं बल्कि ब्रिटिश क्रिप्टोलॉजिस्ट एडम बैक है। पत्रकार जॉन कैरीरोउ और डायलेन फ्रीडमैन ने एक साल तक 1.34 लाख से ज्यादा पुराने ईमेल, फोरम पोस्ट और कोर्ट रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। बड़ा सुराग सातोशी के लिखने के तरीके से मिला। रिपोर्ट के अनुसार उनके लेखन में ब्रिटिश-अमरीकी अंग्रेजी का मिश्रण, कुछ खास शब्दों का बार-बार इस्तेमाल और हाइफन की गलतियाँ पाई गईं। जब इन एआई से पैटर्न्स की तुलना 600 से ज्यादा लोगों के लेखन से की गई, तो अंत में सिर्फ एडम बैक का ही स्टाइल मेल खाता दिखा।

एडम की तकनीक से पैदा हुआ शक

एडम का बैकग्राउंड भी शक को मजबूत करता है। उन्होंने 1997 में हैशकैश नाम की तकनीक बनाई थी, जो बाद में बिटकॉइन माइनिंग का अहम हिस्सा बनी। उन्होंने 1990 के दशक में ही ऐसे डिजिटल पैसे का आइडिया दिया था जो किसी नियंत्रण में न हो। एडम कई सालों तक क्रिप्टोग्राफी से जुड़े ऑनलाइन ग्रुप्स में सक्रिय रहे, लेकिन जब 2008 में बिटकॉइन सामने आया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने पहली बार 2011 में बिटकॉइन पर बात की। यह वही समय था जब सातोशी गायब हुए थे। हालांकि उन्होंने साफ कहा है कि वह सातोशी नहीं हैं।

कानूनी पेच में फंस सकते है एडम!

अगर एडम ही सतोशी है तो तो उनके पास करीब 11 लाख बिटकॉइन हो सकते हैं, जिनकी कीमत बिलियन डॉलर्स में है। ऐसी स्थिति में उन्हें यह जानकारी सार्वजनिक करनी पड़ सकती है, क्योंकि वह एक बड़ी कंपनी के सीईओ हैं। इससे वह कानूनी पेच में फंस सकते हैं। असली पहचान तभी साबित हो सकती है जब सातोशी से जुड़े पुराने बिटकॉइन वॉलेट की प्राइवेट की से कोई प्रमाण दिया जाए। ये कॉइन आज तक कभी इस्तेमाल नहीं हुए हैं।