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इस द्वीप समूह पर कब्जा छोड़ेगा ब्रिटेन, भारत ने किया स्वागत

Chagos Islands: चागोस पर संप्रभुता के लिए भारत ने मॉरीशस के दावे का लगातार समर्थन किया है। ये द्वीप हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए काफी फायदेमंद होगा।

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Chagos Islands

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Chagos Islands: एक ऐतिहासिक समझौते के तहत डिएगो गार्सिया सहित चागोस द्वीपसमूह की संप्रभुता मॉरीशस को सौंपने के ब्रिटेन सरकार (Britain) के फैसले का गुरुवार को भारत ने स्वागत किया है। दशकों पुराने संप्रभुता विवाद में नया घटनाक्रम विदेश मंत्री एस जयशंकर (S. Jaishnakar) की मॉरीशस यात्रा के करीब तीन माह बाद हुआ है। जयशंकर ने मॉरीशस (Mauritius) के प्रति भारत के समर्थन की पुष्टि की थी।

भारत ने लगातार किया था मॉरीशस का समर्थन

ब्रिटेन की घोषणा के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि उपनिवेशवाद मिटाने के अपने सैद्धांतिक रुख के अनुरूप चागोस पर संप्रभुता के लिए भारत ने मॉरीशस के दावे का लगातार समर्थन किया है। दोनों पक्षों व हिंद महासागर की सुरक्षा के लिए यह फैसला लाभदायक होगा। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को नई दिल्ली में कहा कि वे डिएगो गार्सिया सहित चागोस द्वीपसमूह पर मॉरीशस की संप्रभुता की वापसी पर यूनाइटेड किंगडम और मॉरीशस के बीच समझौते का स्वागत करते हैं।

ब्रिटेन और मॉरीशस को एक साथ साधा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, भारत समुद्री सुरक्षा और सुरक्षा को मजबूत करने और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और समृद्धि बढ़ाने में योगदान देने के लिए मॉरीशस और अन्य समान विचारधारा वाले भागीदारों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत लगातार प्रोत्साहित कर रहा है।

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