
फोटो सोर्स: पत्रिका
Chhath Puja 2024: दीवाली के बाद भारत में छठ पूजा की धूम मची हुई है। जहां-जहां बिहार के लोग रह रहे हैं वे वहां पर अपने इस महापर्व को मना रहे हैं। भारत से बाहर कई देशों में भी बिहार (Bihar) के लोग बसे हुए हैं। चाहे वो अमेरिका हो, ऑस्ट्रेलिया हो, दुबई हो या फिर मॉरीशस। विदेश में रह रहे बिहार के इन प्रवासियों ने वहां पर अपनी परंपरा और संस्कृति का साथ नहीं छोड़ा और बड़े ही धूमधाम से छठ महापर्व (Chhath in Abroad) मना रहे हैं। नहाय-खाय और सूर्य के संध्या अर्घ्य समेत कई रिवाज़ों का इन्होंने पालन किया है इसके कई वीडियोज़ भी सामने आए हैं। जिन्हें देखकर आप ये यकीन नहीं कर पाएंगे कि ये विदेश है या फिर भारत।
अमेरिका में रह रहे भारतीय भी छठ मना (Chhath in US) रहे हैं। इसके कई वीडियो बिहार फाउंडेशन नाम के X अकाउंट से शेयर किए गए हैं। ये वीडियो अमेरिका के एरिजोना के फोनिक्स का है। जिसमें देखा जा सकता है कि एक घर में भारतीय इकट्ठा हैं और खरना की रस्म निभा रहे हैं।
अमेरिका के वर्जीनिया से आया ये वीडियो आपको मंत्रमुग्ध कर देगा। ये महिलाएं छठी मैया के गीत गाते नजर आ रही हैं।
दुबई में रहने वाले भारतीय भी छठ पूजा की परंपरा को निभा रहे हैं। दुबई में रह रहे हिंदुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए वहां पर पूजा की खास तैयारी की गई है। दुबई में 10 से ज्यादा जगहों पर कृत्रिम घाट बनाए गए हैं। ये वीडियो दुबई के इन्हीं घाटों में से एक का है। यहां पर संध्या अर्घ्य देने की तैयारी की जा रही है।
ऑस्ट्रेेलिया में भी बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। यहां के मेलबर्न में बिहार, झारखंड के लोग कई सालों से रह रहे हैं। ऐसे में मेलबर्न में छठ पूजा के सारे इंतजाम प्रशासन की तरफ से किए गए हैं। बिहार फाउंडेशन के आधिकारिक x अकाउंट से मेलबर्न में मनाए जा रहे छठ महापर्व के कई वीडियो पोस्ट किए गए। इन्हें देखकर आप यकीन नहीं कर पाएंगे कि ये ऑस्ट्रेलिया है।
चार दिवसीय ये महापर्व हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण और प्राचीन त्यौहार है। ये खासतौर पर भारत के बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कुछ इलाकों में मनाया जाता है। ये त्योहार सूर्य भगवान और छठी मईया (प्रकृति और संतान की देवी) को समर्पित होता है। ये पूजा उगते और डूबते सूरज के समय की जाती है। इस महापर्व को निष्ठा, तप, और स्वच्छता का त्यौहार माना जाता है। श्रद्धालु इसका कठिन निर्जला व्रत रखते हैं और सूर्य की उपासना करते हैं।
Updated on:
07 Nov 2024 04:12 pm
Published on:
07 Nov 2024 04:01 pm
