
चीन के गाओमी शहर में रासायनिक संयंत्र में विस्फोट के बाद के हालात। (फोटो: वाशिंगटन पोस्ट)
China chemical plant blast: चीन के शानदोंग प्रांत में केमिकल प्लांट में हुए जबरदस्त धमाके (China chemical explosion) से 'मशरूम क्लाउड' जैसा धुआं उठा और इलाका दहल गया। पूर्वी चीन के शानदोंग प्रांत के गाओमी शहर (gaomi city) में मंगलवार सुबह एक रासायनिक संयंत्र में भीषण विस्फोट (Shandong factory blast) हुआ, जिससे आसमान में मशरूम के आकार का विशाल धुएं का गुबार (Mushroom cloud China) उठता हुआ देखा गया। घटना के बाद संयंत्र की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल हुए वीडियो फुटेज के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास की दुकानों की खिड़कियां चकनाचूर हो गईं और सड़क पर मलबा फैल गया। स्थानीय अधिकारियों ने सुरक्षा घेरे बढ़ा दिए हैं और क्षेत्र में नागरिकों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
जानकारी के अनुसार यह घटना सुबह करीब 11:57 बजे यूदाओ केमिकल कंपनी के परिसर में हुई, जो मुख्य रूप से "कम विषाक्तता" वाले कीटनाशकों का उत्पादन करती है। संयंत्र करीब 47 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें लगभग 300 कर्मचारी कार्यरत हैं। अभी तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच और बचाव कार्य पूरे क्षेत्र में जारी है।
बीजिंग स्थित शिनजिंगबाओ अखबार की ओर से शेयर किए गए वीडियो में देखा गया कि विस्फोट के तुरंत बाद संयंत्र के ऊपर धूसर रंग का धुआं कई सौ फीट ऊपर तक फैल गया। आसपास की इमारतों में आग की लपटें देखी गईं, एक कार की विंडस्क्रीन टूटी हुई थी और दुकानों के कांच ताश के पत्तों की तरह बिखर गए।
सामने आए दृश्यों में यह भी दिखा कि विस्फोट की तीव्रता ने औद्योगिक क्षेत्र के भीतर कई संरचनाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया। क्षेत्र को फौरन खाली कराया गया और अग्निशमन विभाग की 55 गाड़ियाँ और 232 रेस्क्यू कर्मियों की टीम मौके पर भेजी गई।
इस घटना ने एक बार फिर चीन में औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यूदाओ संयंत्र जैसे अनेक रासायनिक कारखाने मानकों का पूर्ण पालन नहीं करते, जिससे ऐसी दुर्घटनाएं बार-बार होती रहती हैं।
2015 में तियानजिन में हुए विस्फोट की यादें आज भी ताजा हैं, जब ज्वलनशील रसायनों वाले गोदामों में विस्फोट से 170 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और 700 से ज्यादा घायल हुए थे।
चीन की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स-Weibo और Douyin-पर इस धमाके के वीडियो तेजी से वायरल हो गए हैं। आम नागरिकों ने जहां संयंत्र की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए, वहीं कुछ ने सरकार की सूचना पारदर्शिता पर भी संदेह जताया। एक यूजर ने लिखा, “हर साल एक नया विस्फोट, लेकिन सुरक्षा के नाम पर वही ढाक के तीन पात।”
अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण समूह Greenpeace East Asia ने भी चिंता जताई है और कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल स्थानीय नहीं बल्कि वैश्विक पर्यावरणीय खतरे बन सकती हैं।
स्थानीय प्रशासन ने अब संयंत्र के संचालन पर अस्थायी रोक लगा दी है। साथ ही, अधिकारियों ने संयंत्र के भीतर रखे रसायनों की सूची मांगी है ताकि संभावित विषाक्त रिसाव को रोका जा सके।
पर्यावरण जांच एजेंसियों ने गाओमी क्षेत्र के हवा और जल के सैंपल इकट्ठे कर लिए हैं और रिपोर्ट 48 घंटों में आने की संभावना है। उधर, संयंत्र में कार्यरत कुछ कर्मचारियों को एहतियातन मेडिकल ऑब्ज़र्वेशन में रखा गया है।
घटना ऐसे समय पर हुई है जब चीन अपनी औद्योगिक ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए लघु रासायनिक इकाइयों (small chemical units) की संख्या में वृद्धि कर रहा है। ये यूनिट्स अक्सर ग्रामीण या अर्ध-शहरी इलाकों में स्थापित की जाती हैं, जहां सुरक्षा निरीक्षण कम होता है।
यूदाओ केमिकल प्लांट भी ऐसी ही "कम रडार पर" चल रही इकाइयों में से एक था, जिसे कभी-कभी निरीक्षण के लिए छूट दी जाती थी। यह हादसा इस प्रवृत्ति के खतरनाक परिणाम को उजागर करता है।
राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने कहा है कि हालात नियंत्रण में हैं और विशेषज्ञों की टीम नुकसान का आकलन कर रही है। पर्यावरण एजेंसियां हवा और जल में रासायनिक प्रदूषण की निगरानी कर रही हैं। आसपास के गांवों और स्कूलों को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
बहरहाल चीन के गाओमी शहर में रासायनिक संयंत्र में हुए विस्फोट से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा मानकों पर फिर बहस छिड़ गई है।
एक्सक्लूसिव इनपुट :शिनजिंगबाओ (बीजिंग समाचार)
Published on:
28 May 2025 02:39 pm
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