12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के धन में आई कमी, 70 प्रतिशत तक हुई गिरावट

एसएनबी के मुताबिक ये आंकड़े स्विट्जरलैंड में भारतीयों के कथित काले धन की मात्रा का संकेत नहीं देते। इन आंकड़ों में वह धन शामिल नहीं है, जो भारतीयों, एनआरआइ या अन्य लोगों ने तीसरे देश की संस्थाओं के नाम पर स्विस बैंकों में रखा हो सकता है।

less than 1 minute read
Google source verification
Decrease in money deposited by Indians in Swiss banks

Decrease in money deposited by Indians in Swiss banks

स्विस बैंकों (Swiss Bank) में भारतीय व्यक्तियों और कंपनियों का जमा धन 2023 में 70 फीसदी की भारी गिरावट के साथ चार साल के निचले स्तर 1.04 अरब स्विस फ्रैंक (9,771 करोड़ रुपए) पर आ गया है। स्विट्जरलैंड (Switzerland) के केंद्रीय बैंक की ओर से गुरुवार को जारी सालाना आंकड़ों के मुताबिक स्विस बैंकों में भारतीय ग्राहकों के कुल धन में लगातार दूसरे साल गिरावट आई है। यह 2021 में 14 साल के उच्चतम स्तर 3.83 अरब स्विस फ्रैंक पर पहुंच गया था।

70 प्रतिशत तक आई कमी 

स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) की रिपोर्ट विभिन्न बैंकों की ओर से बताए गए आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है। एसएनबी के मुताबिक ये आंकड़े स्विट्जरलैंड में भारतीयों के कथित काले धन की मात्रा का संकेत नहीं देते। इन आंकड़ों में वह धन शामिल नहीं है, जो भारतीयों, एनआरआइ या अन्य लोगों ने तीसरे देश की संस्थाओं के नाम पर स्विस बैंकों में रखा हो सकता है। एसएनबी ने 2023 के अंत में स्विस बैंकों की ‘कुल देनदारियां’ या उनके भारतीय ग्राहकों की ‘बकाया राशि’ 103.98 करोड़ स्विस फ्रैंक बताई है। इनमें ग्राहक जमा में 31 करोड़ स्विस फ्रैंक, अन्य बैंकों के माध्यम से रखे गए 42.7 करोड़ स्विस फ्रैंक, न्यासों या ट्रस्टों के माध्यम से एक करोड़ स्विस फ्रैंक और बॉन्ड, प्रतिभूतियों, अन्य वित्तीय साधनों के रूप में ग्राहकों को देय राशि के रूप में 30.2 करोड़ स्विस फ्रैंक शामिल हैं।

2006 में जमा धन था उच्च स्तर पर

एसएनबी के आंकड़ों के मुताबिक 2006 में भारतीय व्यक्तियों और कंपनियों की कुल राशि करीब 6.5 अरब स्विस फ्रैंक उच्च स्तर पर थी। इसके बाद 2011, 2013, 2017, 2020 और 2021 समेत कुछ साल को छोडक़र यह ज्यादातर नीचे की ओर रही है।

ये भी पढ़ें- दुनिया के सबसे अमीर शहर…जहां सबसे ज्यादा रहते हैं करोड़पति, भारत की भी सिटी शामिल