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‘सद्दाम हुसैन से लेकर मादुरो तक’, रूस से दोस्ती करने पर अमेरिका ने इन 5 नेताओं का किया काम तमाम

US regime change operations: अमेरिका ने 2003 से लेकर 2026 तक 5 देशों में रूस समर्थक नेताओं को हटाया है और उनकी सत्ता का अंत किया है।

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भारत

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Ashib Khan

Jan 12, 2026

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सद्दाम से लेकर मादुरो तक को रूस से दोस्ती करना पड़ा भारी (Photo-X)

America vs Russia global politics: अमेरिका और रूस में दुश्मनी पुरानी है। दुनिया की राजनीति में साफ देखा गया है कि जो भी देश रूस से दोस्ती करता है, उसे अमेरिका की नाराजगी उठानी पड़ती है, चाहे वह इराक हो या फिर वेनेजुएला। देखा जाए तो कई नेताओं ने इसकी कीमत भी चुकाई है, जैसे सत्ता गंवाकर, प्रतिबंध झेलकर या फिर जान देकर। अमेरिका ने 2003 से लेकर 2026 तक 5 देशों में रूस समर्थक नेताओं को हटाया है और उनकी सत्ता का अंत किया है। सद्दाम हुसैन से लेकर निकोलस मादुरो की कहानी इसी टकराव को उजागर करती है। आइए जानते हैं वे कौन-कौन से नेता हैं जिन्होंने रूस से दोस्ती करने की कीमत चुकाई है…

1- सद्दाम हुसैन 

इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सोवियत संघ और रूस के सबसे करीबी सहयोगियों में गिना जाता था। सद्दाम को रूस से हमेशा साथ मिलता रहा है। 2003 में अमेरिका और यूके ने ऑपरेशन फ्रीडम शुरू किया था। इसके बाद इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन पर सामूहिक विनाश के हथियार रखने का आरोप लगाया। अप्रैल 2003 में सद्दाम को बेदखल कर दिया और दिसंबर में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 30 दिसंबर 2006 को सद्दाम को फांसी की सजा दे दी गई।

2- मुअम्मर गद्दाफी 

लीबिया के शासक मुअम्मर गद्दाफी ने रूस के साथ दोस्ती की थी। इसके अलावा, गद्दाफी ने पश्चिमी दबाव को भी खुली चुनौती दी थी। यह अमेरिका को बर्दाश्त नहीं हुआ और 2011 में अरब स्प्रिंग के दौरान अमेरिका और नाटो देशों ने लीबिया में हस्तक्षेप किया। इसके बाद वहां सत्ता परिवर्तन हो गया। मुअम्मर गद्दाफी को भीड़ ने मार डाला।

3- विक्टर यानुकोविच

यूक्रेन के पूर्व राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को भी रूस से दोस्ती करना भारी पड़ा है। अमेरिका समर्थित विरोध प्रदर्शनों के बाद 2014 में उनकी सरकार गिर गई। इसके बाद यानुकोविच को देश छोड़कर भागना पड़ा।

4- बशर अल-असद

बशर अल असद रूस के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते हैं। ISIS और विद्रोहियों ने 2020 में असद की सरकार को लगभग ही गिरा दिया था; उस समय रूसी हवाई हमलों ने असद को बचाया। इसके बाद विद्रोहियों ने 27 नवंबर 2024 को अचानक हलेप पर हमला कर दिया। इसके बाद महज 11 दिनों में दमिश्क पर कब्जा कर लिया। फिर असद को सीरिया को छोड़कर भागना पड़ा।

5- निकोलस मादुरो

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने रूस और चीन के साथ रिश्ते बनाए। इसके जवाब में अमेरिका ने उन पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए। इसके अलावा, वेनेजुएला ने यूक्रेन पर रूसी हमले का समर्थन भी किया था। अमेरिका ने कई बार वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुआ। 3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हवाई हमले किए और निकोलस मादुरो और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।