
Despite America's warning, Pakistan is completing agreements with Iran
Iran-Pakistan: इजरायल पर हमला करने के बाद ईरान अमेरिका की आंखों में चढ़ा हुआ है। अमेरिका लगातार सभी देशों से ईरान (Iran) के साथ किसी भी तरह के संबंध रखने से रोक रहा है और चेतावनी दे रहा है कि वो देश ईरान के साथ संबंध तोड़ लें या स्थापित ना करें वरना अमेरिका (USA) को उन पर प्रतिबंध लगाने पड़ सकते हैं। पाकिस्तान को भी अमेरिकी की यही चेतावनी मिली थी लेकिन शायद पाकिस्तान (Pakistan) को अमेरिका से डर नहीं लगता ना ही अमेरिका की गंभीर चेतावनियों से। ये हम नहीं बल्कि खुद पाकिस्तान कहने पर मजबूर कर रहा है क्योंकि पाकिस्तान तो ईरान के साथ हुए हाल ही के समझौतों को पूरा करने में जुटा हुआ है।
पाकिस्तान की स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय और पश्चिमी देशों के लगातार हस्तक्षेप की तरफ इशारा करते हुए पाकिस्तान (Pakistan) के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन परियोजना पूरी हो जाएगी और इस प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रॉक्सी के जरिए यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी प्रमुख शक्तियों के बढ़ते हस्तक्षेप के बीच अपने हितों की रक्षा के लिए खासकर इजराइल के लिए--क्षेत्रीय हितधारकों को एक साझा मंच पर एकजुट होने की जरूरत है।
पाकिस्तान की ये टिप्पणी ऐसे वक्त पर आई है जब ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने हाल ही में पाकिस्तान का 3 दिवसीय दौरा किया था। जिसे पाकिस्तान ने 'महान विकास' बताया। ईरान और पाकिस्तान के बीच पाइपलाइन परियोजना को भूराजनीतिक तनाव और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते रोक दिया गया था जिसे अब ईरान के राष्ट्रपति के दौरे के बाद फिर से शुरू करने पर सहमित बन गई है।
पाकिस्तान ने इजराइल के प्रति पश्चिमी देशों के रवैये का भी जिक्र किया और इन देशों के रुख को नाटकीय करार दिया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों का एक लंबा इतिहास है और इसे आगे भी बरकरार रखना चाहते हैं।
गौर करने वाली बात ये है कि पाकिस्तान अभी तो अमरीका की इन चेतावनियों को नज़रअंदाज कर रहा है लेकिन शायद पाकिस्तान को ये नजरअंदाजगी काफी भारी पड़ने वाली है क्योंकि बीते गुरुवार को ही अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाली 16 कंपनियों और आठ लोगों को प्रतिबंधित कर दिया है। इनमें 3 भारत की कंपनियां भी शामिल हैं।
Published on:
26 Apr 2024 12:46 pm
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