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चंद्रमा पर है 29 मीटर चौड़ा क्रेटर, क्या चीन के सीक्रेट मिशन से बना था यह गड्ढा?

Suspicious Crater On Moon: चंद्रमा की सतह पर कई गड्ढे हैं। पर पिछले साल चंद्रमा पर एक 29 मीटर चौड़ा क्रेटर बन गया था। क्या चीन के सीक्रेट मिशन की वजह से यह क्रेटर बना था? आइए जानते हैं।

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29 meter crater on moon

चंद्रमा की रिसर्च में वैज्ञानिक लगे रहते हैं। अक्सर ही इसके लिए कई प्रोजेक्ट्स भी भेजे जाते हैं। इन प्रोजेक्ट्स की मदद से चंद्रमा की कई तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं जिससे उसकी सतह कैसी है यह भी देखने को मिला है। चंद्रमा पर कई गड्ढे भी हैं जो एक सामान्य बात है। पर पिछले साल 4 मार्च को चंद्रमा पर एक और गड्ढा हो गया। और यह गड्ढा कोई मामूली गड्ढा नहीं था, बल्कि एक 29 मीटर चौड़ा क्रेटर था। यह क्रेटर चंद्रमा की पिछली सतह पर बन गया था। ऐसा किस वजह से हुआ, इस विषय को लेकर काफी चर्चा और बहस हुई। पर अब लगता है इसका जवाब मिल गया है। चंद्रमा पर बने 29 मीटर चौड़े क्रेटर के लिए चीन को ज़िम्मेदार बताया जा रहा है।


चीन की वजह से बना चंद्रमा पर क्रेटर?

हाल ही में अमेरिकी खगोलविदों की एक टीम ने दावा किया है कि पिछले साल चंद्रमा की सतह से चीन का लॉन्ग मार्च 3 सी रॉकेट का तीसरा और सबसे ऊपरी चरण का हिस्सा टकराया था। उस रॉकेट को चीन के चांग ई 5 मिशन के तहत लॉन्च किया गया था। अमेरिका के एरिज़ोना यूनिवर्सिटी के एरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के टैनर कैम्पबेल की टीम ने यह रिसर्च की और इसकी रिपोर्ट जारी की है।



चाइनीज़ अधिकारियों ने जताया विरोध

अमेरिका की तरफ से चंद्रमा पर पिछले साल बने 29 मीटर चौड़े क्रेटर के लिए चीन को ज़िम्मेदार ठहराने के लिए चाइनीज़ अधिकारियों ने विरोध जताया है। साथ ही उन्होंने इस रिपोर्ट को गलत बताते हुए कहा है कि उनके रॉकेट का ऊपरी हिस्सा धरती के वायुमंडल में ही जल गया था।

यूएस स्पेस कमांड ने चाइनीज़ अधिकारियों के दावे का किया खंडन

यूएस स्पेस कमांड ने एरिज़ोना यूनिवर्सिटी के एरोस्पेस और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के दावे का समर्थन करते हुए चाइनीज़ अधिकारियों के दावे का खंडन किया है। यूएस स्पेस कमांड ने कहा है कि चाइनीज़ रॉकेट का ऊपरी हिस्सा वापस धरती के वायुमंडल में आया ही नहीं था।

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