
इजरायल और हमास की जंग के बीच रविवार को जॉर्डन में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए गए हैं। हमले में तीन अमरीकी जवान मारे गए हैं। गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई अमरीकी सैनिक मिडिल ईस्ट में मारा गया है। जॉर्डन में जिस क्षेत्र में अमरीकी चौकी पर हमले हुए हैं उसकी सीमा सीरिया से लगती है। सीमाई क्षेत्र में टावर-22 पर ड्रोन अटैक हुआ है। अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने रविवार को कहा है कि सीरियाई सीमा के पास उत्तरपूर्वी जॉर्डन में तैनात अमरीकी बलों पर एक मानवरहित हवाई ड्रोन हमले के दौरान तीन अमरीकी सैन्य कर्मी मारे गए और दर्जनों घायल हो गए। बाइडन ने हमले के लिए ईरान समर्थित समूहों को जिम्मेदार ठहराया। बाइडन ने एक बयान में कहा, 'हालांकि हम अभी भी इस हमले के तथ्य जुटा रहे हैं, पर हम जानते हैं कि इसे सीरिया और इराक में सक्रिय कट्टरपंथी ईरान समर्थित आतंकवादी समूहों द्वारा अंजाम दिया गया।'
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हमले में कम से कम 34 अमरीकी कर्मियों के घायल होने की सूचना है और उनको भर्ती किया गया है। बाइडन ने कहा है कि, जिसने भी इस हमले को अंजाम दिया है उसे बख्शा नहीं जाएगा
अमरीकी ठिकानों पर युद्ध के बाद से 158 हमले
अमरीकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल और हमास संघर्ष शुरू होने के बाद से अमरीकी और सहयोगी देशों के सैन्य बेस पर इराक-सीरिया में कमोबेश 158 हमले किए गए। इन हमलों में मिसाइल, रॉकेट्स और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया। हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक घायल भी हुए हैं और सैन्य ठिकानों को बड़ा नुकसान भी उठाना पड़ा है।
जॉर्डन में पहली बार अमरीकी सैन्य ठिकाने पर अटैक
ऐसा पहली बार है जब जॉर्डन में अमरीकी सैन्य ठिकाने पर हमला किया गया है। गौरतलब है कि 17 अक्टूबर से अमरीका और सहयोगी सेना ईरान समर्थित समूहों के खिलाफ मध्य पूर्व में मोर्चा खोले हुए हैं।
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Published on:
29 Jan 2024 11:39 am
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