1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नोबेल नहीं मिलने पर ट्रंप का दिमाग खराब! नॉर्वे के पीएम को पत्र लिखकर ग्रीनलैंड पर कब्ज़े को लेकर कही बड़ी बात

नोबेल पुरस्कार नहीं मिलने पर लगता है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दिमाग खराब हो गया है। उन्होंने नॉर्वे के पीएम को पत्र लिखकर कुछ ऐसा मैसेज दिया है जिसे पढ़कर आप हैरान हो जाएंगे।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Tanay Mishra

Jan 19, 2026

Donald Trump

Donald Trump (Photo - Washington Post)

अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने वीकेंड पर वेनेजुएला (Venezuela) की विपक्षी नेता और 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार की विजेता मारिया कोरिना मचाडो (Maria Corina Machado) से व्हाइट हाउस (White House) में मुलाकात की थी। इस दौरान मचाडो ने ट्रंप को अपना नोबेल पुरस्कार भी दिया। हालांकि बाद में नॉर्वे (Norway) की नोबेल पुरस्कार कमेटी ने साफ कर दिया कि इस तरह से अपना नोबेल पुरस्कार किसी को दिया नहीं जा सकता है और ट्रंप का पुरस्कार पर कोई हक नहीं है। अब लगता है कि नोबेल पुरस्कार नहीं मिलने से ट्रंप का दिमाग खराब हो गया है। उन्होंने हाल ही में नॉर्वे के पीएम को इस बारे में पत्र लिखा है।

पत्र में ट्रंप ने क्या लिखा?

ट्रंप ने नॉर्वे के पीएम जोनास गहर स्टोरे (Jonas Gahr Støre) को पत्र लिखा है। इस पत्र में ट्रंप ने लिखा, "प्रिय जोनास, यह देखते हुए कि आपके देश ने मुझे 8 से ज़्यादा युद्धों को रोकने के लिए भी नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया। अब मुझे सिर्फ शांति के बारे में सोचने की कोई बाध्यता महसूस नहीं होती। हालांकि शांति हमेशा सर्वोपरि रहेगी, लेकिन अब मैं इस बारे में सोच सकता हूं कि अमेरिका के लिए क्या अच्छा और उचित है। डेनमार्क उस धरती (ग्रीनलैंड) की रक्षा रूस या चीन से नहीं कर सकता और वैसे भी उनके पास ग्रीनलैंड पर 'स्वामित्व का अधिकार' क्यों है? इसका कोई लिखित दस्तावेज नहीं हैं, बस इतना है कि सैकड़ों साल पहले एक नाव वहाँ उतरी थी, लेकिन हमारी नावें भी वहाँ उतरती थीं। मैंने नाटो की स्थापना के बाद से किसी भी अन्य व्यक्ति की तुलना में नाटो के लिए ज़्यादा काम किया है, और अब, नाटो को अमेरिका के लिए कुछ करना चाहिए। जब ​​तक ग्रीनलैंड पर अमेरिका का पूरा कब्ज़ा नहीं होगा, तब तक दुनिया सुरक्षित नहीं है।"

Story Loader