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North Korea election: 99.99% मतदान, 99.93% वोटों से किम की ‘परफेक्ट’ जीत

North Korea voting system: उत्तर कोरिया में Kim Jong-un की पार्टी ने 99.99% मतदान और 99.93% समर्थन के साथ ‘ऐतिहासिक’ जीत दर्ज की। जानिए चुनाव प्रक्रिया, विवाद और दुनिया भर में उठ रहे सवाल।

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Kim Jong Un

उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन (Photo Credit - IANS)

Kim Jong-un: दुनिया के ज्यादातर लोकतंत्रों में, चुनाव अप्रत्याशित होते हैं। वोटों का अंतर बदलता रहता है, हैरान करने वाले नतीजे आते हैं और परिणाम जनता की राय के मिले-जुले रूप को दिखाते हैं। 'डेमोक्रेटिक' पीपल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया यानी उत्तर कोरिया के मामले में ऐसा कोई सस्पेंस हमेशा की तरह इस बार भी नहीं दिखा। बीती 15 मार्च को 'सुप्रीम पीपल्स असेंबली' (एसपीए) के लिए हुए संसदीय चुनावों के नतीजे आ चुके हैं, 99.99% मतदान और 99.93% समर्थन के साथ किम जोंग-उन की 'वर्कर्स पार्टी' ने अपेक्षित क्लीन स्वीप किया है।

सोशल मीडिया पर चर्चा उस 0.07% आबादी की है जिसने आधिकारिक उम्मीदवारों का 'विरोध' किया। विशेषज्ञों का मानना है कि 2019 के पिछले चुनाव के 100% समर्थन की बजाय इस बार मामूली कमी दिखाना एक 'कॉस्मेटिक बदलाव' हो सकता है। दरअसल, उत्तर कोरिया शायद दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि उसके चुनाव 'असली' हैं और वहां असहमति के लिए भी जगह है।

ईरान युद्ध के चलते दुनिया में गैस-तेल की किल्लत के बीच इस बार उत्तर कोरिया के लीडर किम जोंग-उन ने एक कोयला खदान में जाकर मतदान किया, जहां उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था के लिए कोयला उद्योग को अनिवार्य बताया।

वोटिंग का 'खतरनाक' तरीका

मतदाताओं के पास विकल्प नहीं, बल्कि एक 'अनुमोदित' उम्मीदवार का नाम होता है। समर्थन करना आसान है, बस पर्चा पेटी में डाल दें। विरोध के लिए अलग बूथ में जाकर नाम काटना पड़ता है। यह प्रक्रिया गुप्त नहीं होती और अधिकारियों की नजर में आना 'राजद्रोह' भी माना जा सकता है।

क्या किम बनेंगे 'राष्ट्रपति'?

आगामी 22 मार्च को एसपीए के सत्र में किम जोंग उन को आधिकारिक तौर पर 'राष्ट्रपति' घोषित किया जा सकता है। यह पद उनके दादा और संस्थापक किम इल सुंग के लिए आरक्षित रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह सत्ता पर पूर्ण और अंतिम नियंत्रण का सबसे बड़ा कानूनी प्रतीक होगा।

इस बार बहन का कद बढ़ाया

इन चुनावों में किम जोंग उन की बहन, किम यो जोंग (38), का कद और बढ़ गया है। उन्हें 'विभाग निदेशक' के पद पर पदोन्नत किया गया है। जानकार मानते हैं कि उन्हें किम की बेटी किम जू-ए (13) के वयस्क होने तक एक 'संरक्षक उत्तराधिकारी' के रूप में तैयार किया जा रहा है।