
आरएफए लाइम बे होर्मुज स्ट्रेट के लिए तैयार है। (Photo- X@RoyalNavy)
RFA Lyme Bay: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ऐसे नाजुक मौकों के बीच इंग्लैंड ने बेहद अहम फैसला लेते हुए होर्मुज स्ट्रेट में बिछाई गई सी-माइन का पता लगाने और हटाने के लिए अपनी स्पेशल मिलिट्री शिप भेजने का निर्णय लिया है। यह ऑपरेशन आरएफए लाइम बे पर केंद्रीय है, जो कि ब्रिटिश नौसेना का एक सपोर्ट जहाज है। अब इसे माइन-हंटिंग ड्रोन और उन्हें हटाने वाली टीमों के लिए एक तैरते हुए बेस के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। यह हाल ही में जिब्राल्टर से रवाना हुआ है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह स्वेज नहर से होते हुए फारस की खाड़ी की ओर बढ़ेगा।
इंग्लैंड के आर्म्ड फोर्स मिनिस्टर अल कार्न्स ने बताया कि इंग्लैंड ने पहले ही पश्चिम एशिया के उन देशों में लड़ाकू विमान और एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर दिए हैं, जिन्हें ईरानी हमलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इस दौरान उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ब्रिटेन शुरू से ही इस युद्ध में शामिल नहीं है।
इंग्लैंड और फ्रांस ने पहले ही यह घोषणा कर दी थी कि वे अमेरिका के साथ जंग में शामिल नहीं होंगे, उनका रुख पूरी तरह रक्षात्मक रहेगा। इसका मकसद व्यापारी जहाजों की सुरक्षा करना और होर्मुज स्ट्रेट से विस्फोटकों को हटाना शामिल है, और इसे तब शुरू किया जाएगा जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौता हो जाएगा। इंग्लैंड के आर्म्ड फोर्स मिनिस्टर अल कार्न्स ने कहा, 'हम अब 40 देशों को एक साथ ला रहे हैं, बहुत ही खास और आधुनिक क्षमताओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि उन बारूदी सुरंगों को हटाया जा सके। इसके अलावा यह पक्का किया जा सके कि कमर्शियल जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो सके और अर्थव्यवस्था वापस पटरी पर आ सके।
USS Tripoli (LPH-10) को 1991 के खाड़ी युद्ध के दौरान नुकसान पहुंचाने वाली इराकी माइनों जैसी कुछ विस्फोटक सामग्री होने की आशंका है। अन्य माइनों के बारे में बताया जाता है कि वे केवल किसी जहाज की छाया उनके ऊपर से गुजरने पर ही सक्रिय हो सकती हैं। आरएफए लाइम बे कई प्रकार की मानवरहित पानी के भीतर काम करने वाली प्रणालियां ले जा रहा है, जिन्हें सोनार, ध्वनि और चुंबकीय सेंसरों की मदद से माइनों का पता लगाने के लिए बनाया गया है।
अमेरिका और इजराइल के साथ महीनों तक चले संघर्ष के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ने अपना नियंत्रण स्थापित किया, जिससे व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा। हाल ही में अमेरिकी सेना ने ईरान में रात के समय हवाई हमले किए, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट के पास एक ऐसी जगह को निशाना बनाया गया। इस बारे में अधिकारियों ने कहा कि वह अमेरिकी सेना और व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा थी। ये हमले ऐसे समय में हुए जब चल रही युद्धविराम और रुकी हुई शांति वार्ता के बावजूद तनाव बना हुआ था।
Updated on:
28 May 2026 01:35 pm
Published on:
28 May 2026 01:35 pm
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