
डोनाल्ड ट्रंप (Photo - Washington Post)
अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी जारी है। सीजफायर के बीच अमेरिका और ईरान ने एक दूसरे पर हमले किए। अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट के पास हमला किया, जबकि ईरान ने अमेरिकी ऑयल तेल टैंकर और कुवैत में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं, अब अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए एक नई पाबंदी लगा दी है।
अमेरिकी सरकार ने ईरान के पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी को स्पेशली डिजिग्नेटेड नेशनल्स (SDN) सूची में शामिल कर लिया है। यह प्राधिकरण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री यातायात की निगरानी के लिए बनाया गया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी अवैध वसूली कर रहा था। वह ईरानी निर्देशों का पालन कर रहा था। अमेरिका ने खाड़ी में मौजूद उन सभी संस्थानों को सख्त चेतावनी दी है, जो 'पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी' का सहयोग करते हैं। अमेरिका ने कहा कि इस संस्था के साथ सहयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति या कंपनी पर भी प्रतिबंध लग सकता है।
इस मामले पर अमेरिकी वित्त मंंत्री स्कॉट बेसेंट का बयान भी आया है। बेसेंट ने साफ तौर पर कहा है कि वैश्विक समुद्री व्यापार से वसूली करने की ईरानी सेना की यह नई कोशिश दिखाती है इस्लामिक रीजिम पूरी तरह से हताश है।
ईरान की इस्लामिक रीजिम ने 18 मई को ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ की स्थापना की थी। ईरान ने दुनिया से कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा। उन्हें ईरानी प्रशासन की अनुमति लेनी होगी।
इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को उम्मीद थी कि संयुक्त राज्य अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों के कारण उन पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं होने जा रहा है। ट्रंप ने साफ कह दिया है कि मुझे मिड टर्म इलेक्शन की कोई परवाह नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं अभी तक ईरान की बातों से संतुष्ट नहीं हूं। यदि उन्होंने बात नहीं मानी तो जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा है कि ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार छोड़ने के बदले किसी तरह की प्रतिबंध राहत नहीं दी जाएगी।
Published on:
28 May 2026 01:34 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
