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Viral: बिकनी पहन कर जंग लड़ रहे आतंकी! बोले- 72 हूरों को अपने हाथों से पहनाएंगे

Viral Fact check: इन तस्वीरों को लेकर कहा जा रहा है कि आतंकियों ने ये कपड़े पहने हैं और महिलाओं के लिए बेहद आपत्तिजनक बातें कही हैं।

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Fact Check of Viral Photo of men allegedly called Terrorist wear Ladies Undergarments

Viral Fact check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है। इस तस्वीर में कुछ आदमी महिलाओं के अंडरगारमेंट्स पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को पोस्ट कर कहा जा रहा है कि ये लोग आतंकवादी हैं और महिलाओं के अंडरगारमेंट्स पहन कर महिलाओं को अपमान तो कर रही रहे हैं साथ ही वो वहां पर हथियारों के दम पर आतंक भी मचा रहे हैं। कई ब्लू टिक वाले वेरिफाइड अकाउंट्स वाले लोगों ने इसे पोस्ट किया है और पोस्ट में काफी आपत्तिजनक बातें कहीं हैं। 

बेहद आपत्तिजनक पोस्ट...

इस वायरल तस्वीर में आप साफ देख सकते हैं कि 3 से 4 लोग महिलाओं के अंडरगारमेंट्स पहने हुए हैं। साथ ही तस्वीरों में कुछ हथियार भी दिखाई दे रहे हैं। इस पोस्ट में लिखा गया है कि "नोट :- हो सकता है किसी को इस पोस्ट की भाषा उचित न लगे .. लेकिन ये सीरिया में पकड़े गये आईएस आतंकियों के ब्रेनवाश की गंदी सच्चाई है. सीरिया की सेना ने कई आईएस आंतकियो को पकड़ा जो महिलाओ के अंतवस्त्र पहनकर लड़ रहे थे .. पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया की मौलवी ने कहा था की तुम उपर जन्नत में जा रहे हो .. वहां अल्लाह तुम्हे 72 कुंवारी हुरे देगा .. तुम उनके लिए अंतवस्त्र साथ लेकर जाओ ताकि तुम उन्हें अपने हाथो से पहना सको .. एक आतंकी पैडेड ब्रा पहने हुए था .. पूछताछ में बोला की यदि गलती से अल्लाह उसे छोटे वक्ष वाली हुर देगा तो वो उसे पैडेड ब्रा पहनायेगा ताकि वो और आकर्षणक नजर आये .."

पोस्ट करने वाले इस शख्स का नाम जितेंद्र प्रताप सिंह है। इनका अकाउंट भी वेरिफाइड है। य़े पोस्ट इन्होंने अपने वेरिफाइड X अकाउंट से की है।

क्या है वाय़रल पोस्ट का सच

कई लोग इन तस्वीरों को आगे फॉरवर्ड कर रहे हैं शेयर कर रहे हैं पोस्ट कर रहे हैं, जिससे सोशल मीडिया पर काफी हंगामा मचा हुआ है। ऐसे में पत्रिका ने भी इस वायरस तस्वीर को लेकर इसका पोस्टमार्टम किया। ज्यादा खोजबीन करने पर सामने आया कि ये खबर साल 2017 की है। साथ ही खबर डेली मेल पर भी पब्लिश हुई है। खबर का सच ये है कि ये लोग जो लेडिज़ अंडरगारमेंट्स पहने हुए हैं वो कोई आतंकी नहीं हैं बल्कि वो सीरियाई शरणार्थी हैं जो तुर्की में हैं। इन्हें तुर्की के सैनिकों ने अपमानित करने के लिए जबरन महिलाओं के कपड़े पहनने को कहा था।

दरअसल ये लोग ISIS के आतंक और युद्धग्रस्त सीरिया से अपनी जान बचाकर तुर्की की तरफ भागे थे। जहां तुर्की की सीमा को अवैध तरीके से पार करने पर इन्हें तुर्की के सैनिकों ने पकड़ लिया था और इस तरह से सजा दी थी। यानी पत्रिका न्यूज के फैक्ट चेक में वायरल तस्वीरों पर किया जा रहा ये दावा झूठा निकला कि ये आतंकी हैं और महिलाओं का अपमान करते हुए ये हथियारों के दम पर आतंक मचा रहे हैं।