
Goat
Goat Plague: प्लेग का नाम सुनते ही आँखों के सामने लाखों की संख्या में शव घूमने लग जाते हैं, रोते-चीखते लोग नजर आने लगते हैं। क्योंकि प्लेग पुराने समय से ही सबसे भयानक महामारी के तौर पर कुख्यात है। इस प्लेग ने भारत (India) समेत दुनिया भर में करोड़ों इंसानों की जिंदगियों को लील लिया। हालांकि हाल के सालों में अब प्लेग का प्रकोप कम देखने को मिला। अब एक नए तरह के प्लेग (Plague) ने दुनिया में दस्तक दे दी है। सिर्फ दस्तक भर से ही दुनिया का एक देश इसकी चपेट में आ गया। जिसके बाद दूसरे देशों ने इसकी रोकथाम के उपाय तलाशना शुरू कर दिए हैं।
दरअसल यूरोप (Europe) में ये प्लेग बकरी से फैल रहा है। इसे बकरी प्लेग का नाम दिया गया है। इस बीमारी ने दक्षिणी यूरोपीय संघ के देशों के कुछ हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है। जिसमें ग्रीस (Greece), रोमानिया जैसे देश शामिल है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि इन देशों में लाखों बकरी और भेड़ों (Goat And Sheep) की हत्या करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इसका प्रकोप पिछले महीने ग्रीस में शुरू हुआ जिसके बाद किसानों ने 10,000 से अधिक भेड़ों को मार डाला। अब आलम ये है कि ये संख्या हर दिन 10 हजार से ऊपर चढ़ रही है। इसके अलावा मीट और मटन (Meat and Mutton) पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बकरी प्लेग (Goat Plague) से यूरोप इतना त्रस्त हो चुका है कि ब्रिटेन को अपने आयात पर कंट्रोल करना पड़ रहा है। द मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय संघ के देशों से खाद्य उत्पादों के साथ छुट्टियां मनाकर लौटने वाले ब्रिटिश लोगों पर भी नियंत्रण लगाया जाएगा क्योंकि सरकार देश में इस बकरी प्लेग की एंट्री को रोकने की कोशिश कर रही है।
बकरी प्लेग से बकरियों और भेड़ों में मृत्यु दर सबसे ज्यादा है। ये और ज्यादा ना फैले इसलिए आदेश के मुताबिक बड़े पैमाने पर इन पशुओं की हत्या की जा रही है। यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ के देशों से भेड़ और बकरी के दूध और डेयरी प्रोडक्ट के साथ-साथ अनपैक्ड भेड़ और बकरी के मांस के आयात पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इसमें ग्रीस और रोमानिया से लाए जाने वाले सभी पैकेज्ड भेड़ और बकरी के दूध उत्पाद भी शामिल हैं। क्योंकि सबसे ज्यादा ग्रसित ये देश ही हैं। अगर आदेश से पहले ये सामान इन देशों से दूसरे भेजा जा चुका है तो सीमा शुल्क विभाग सभी बिना लेबल वाले फ्रेंच बकरी के पनीर को फेंक देगा। साथ ही इसे जब्त किया जाएगा।
बकरी प्लेग को वाइन रिंडरपेस्ट या 'पेस्ट डेस पेटिट्स रूमिनेंट्स' (PPR) के रूप में जाना जाता है। ये बीमारी केवल पशुओं को प्रभावित करती है इसलिए इंसान इससे सुरक्षित रहते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक UK के उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एले ब्राउन ने कहा, यूरोप में पेस्ट डेस पेटिट्स जुगाली करने वालों का हाल ही में प्रकोप हुआ है। इससे इंसानों को कोई खतरा नहीं है, लेकिन भेड़ और बकरियों में गंभीर बीमारी हो जाती है। यूके में इसके फैलने से जानवरों को परेशानी होगी और उन्हें नुकसान होगा।
उन्होंने कहा कि इस बकरी प्लेग के मामले बढ़ रहे हैं। ये बीमारी यूरोप के मवेशियों के झुंडों में फैल रही है। बकरी प्लेग से ग्रीस की अर्थव्यवस्था में समस्याएं पैदा होने की संभावना है क्योंकि बकरी और गाय दोनों के दूध से बना फेटा पनीर उनके सबसे बड़े निर्यातों में से एक है।
Updated on:
29 Oct 2024 12:25 pm
Published on:
24 Aug 2024 04:48 pm
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