20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Gaza Ceasefire : हमास ने 183 फ़िलिस्तीनियों के बदले में तीन इज़राइली बंदियों को रिहा किया

Gaza Ceasefire: ग़ाज़ा पर इज़राइली हमलों के 15 महीने बाद हुए युद्ध विराम समझौते के तहत बंदियों के आदान-प्रदान के चलते फ़िलिस्तीनी समूह हमास (Hamas) ने इज़राइली जेलों से 183 फ़िलिस्तीनी कैदियों (Palestinian prisoners) की रिहाई के बदले में दो अलग-अलग हैंडओवर में तीन इज़राइली बंदियों (Israeli hostages) को रिहा कर दिया है। उधर फ्रांसीसी-इज़राइली […]

2 min read
Google source verification

भारत

image

MI Zahir

Feb 01, 2025

Prisoners Exchange

Prisoners Exchange

Gaza Ceasefire: ग़ाज़ा पर इज़राइली हमलों के 15 महीने बाद हुए युद्ध विराम समझौते के तहत बंदियों के आदान-प्रदान के चलते फ़िलिस्तीनी समूह हमास (Hamas) ने इज़राइली जेलों से 183 फ़िलिस्तीनी कैदियों (Palestinian prisoners) की रिहाई के बदले में दो अलग-अलग हैंडओवर में तीन इज़राइली बंदियों (Israeli hostages) को रिहा कर दिया है। उधर फ्रांसीसी-इज़राइली दोहरे नागरिक ओफ़र काल्डेरन और इज़राइली नागरिक यार्डन बिबास को दक्षिणी ग़ाज़ा पट्टी के खान यूनिस शहर में रेड क्रॉस को सौंप दिया गया है। उत्तरी ग़ाज़ा (Gaza) के एक समारोह में महिला इज़राइली बंदी को मुक्त कराया गया (release) है।

लंबे समय से जेल की सज़ा और आजीवन सजा काट रहे थे

एक घंटे से अधिक समय बाद, अमेरिकी-इज़राइल दोहरे नागरिक कीथ सीगल को एन्क्लेव के उत्तरी भाग में ग़ाज़ा शहर में रेड क्रॉस अधिकारियों को सौंप दिया गया। जैसे ही तीन इज़राइली बंदी इज़राइल पहुंचे, 19 जनवरी को हुए युद्ध विराम समझौते के तहत चौथे ऐसे आदान-प्रदान में 183 फ़िलिस्तीनी कैदियों को मुक्त करने की प्रक्रिया शुरू हुई। ध्यान रहे कि इनमें से कम से कम 73 फ़िलिस्तीनी लंबे समय से जेल की सजा और आजीवन सज़ा काट रहे थे।

ग़ाज़ा में इज़राइली सेना ने पकड़ लिया था

इज़राइल की ओफ़र जेल से 32 फ़िलिस्तीनियों के एक समूह को लेकर पहली बस क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के रामल्लाह पहुँची, जहाँ हर्षित रिश्तेदारों ने उनका स्वागत किया। रिहा किए गए लोगों में एक अनाम बुजुर्ग फ़िलिस्तीनी भी शामिल था, जिसे व्हीलचेयर पर ले जाया गया था। शनिवार को रिहा किए गए 183 फ़िलिस्तीनियों में वे शामिल हैं जिनमें से 111 को 7 अक्टूबर, 2023 के बाद ग़ाज़ा में इज़राइली सेना ने पकड़ लिया था। उन्हें शनिवार को ग़ाज़ा में रिहा कर दिया गया। इनमें वे सात लोग भी शामिल हैं, जिन्हें इज़राइल ने मिस्र के रास्ते निर्वासित कर दिया था। जैसे ही कैदियों को ले जाने वाली बसें दक्षिणी गाजा में खान यूनिस के यूरोपीय अस्पताल में पहुंचीं भीड़ खुशी से झूम उठी।

दो मिशन तैनात किए गए हैं

खान यूनिस से रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकार तारिक अबू अज़्ज़ौम ने कहा कि आईसीआरसी ने कैदियों की स्वास्थ्य स्थितियों का आकलन करने के लिए यूरोपीय अस्पताल और करीम अबू सलेम में दो मिशन तैनात किए गए हैं। जानकारी के अनुसार इज़राइली जेलों में 4,500 फिलिस्तीनी कैदी बंद हैं और उनमें से 310 को मुकदमे के अधिकार के बिना तथाकथित "प्रशासनिक हिरासत" में रखा गया है।

इज़राइल फिर से कर सकता है गिरफ्तार

बिरज़िट विश्वविद्यालय के एक विश्लेषक, बेसिल फ़राज़ ने कहा कि फ़िलिस्तीनी कैदियों की रिहाई से जुल्म और यातनाएं खत्म नहीं हुई हैं, जो फ़िलिस्तीनियों को इज़रायली जेलों में झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इज़राइली अधिकारी फ़िलिस्तीनियों के साथ "अमानवीय" व्यवहार करते हैं। उन्होंने आगाह किया कि इज़राइल उन लोगों में से कुछ को फिर से गिरफ्तार कर सकता है, जिन्हें हिरासत से रिहा कर दिया गया है।

ये भी पढ़ें:एक समय नेहरू फ़िलिस्तीन के समर्थन में ​थे, आज अधिकतर लोग इसके समर्थक, जेएलएफ में बोले-राजदूत सरना