
पिछली सदी में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की लंबाई और वजन तेजी से बढ़ा है। यह खुलासा हाल में दुनिया के कई देशों के डेटा विश्लेषण से हुआ। बायोलॉजी लेटर्स जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक पिछली एक सदी में महिलाओं की औसत लंबाई 1.9 फीसदी बढ़कर 159 से 162 सेंटीमीटर हो गई, जबकि पुरुषों की औसत लंबाई 4 फीसदी बढ़कर 170 से 177 सेंटीमीटर हो गई। शोध में बताया गया कि 1905 के आंकड़ों के मुताबिक उस समय एक चौथाई महिलाएं पुरुष से लंबी थी, लेकिन 1958 तक यह संख्या घटकर आठवें हिस्से तक पहुंच गई।
यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा के प्रोफेसर माइकल विल्सन ने कहा कि यह बदलाव इस विचार का समर्थन करता है कि महिलाएं प्रजनन के कारण अधिक पारिस्थितिकी-निर्भर होती हैं, क्योंकि गर्भावस्था और शिशु पालन में शारीरिक ऊर्जा की खपत अधिक होती है। वहीं पुरुषों की लंबाई और वजन तेजी से बढऩे का कारण बेहतर पोषण स्थितियां हो सकती हैं। शोध के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विदेशी अधिकारियों और ब्रिटेन की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया।
शोध में पाया गया कि जब जीवन स्थितियां बेहतर होती हैं, तो पुरुषों की लंबाई और वजन में वृद्धि अधिक तेजी से होती है। जब मानव विकास सूचकांक (एचडीआइ) में 0.2 अंक की वृद्धि होती है, तो महिलाओं की लंबाई औसतन 1.7 सेंटीमीटर और वजन 2.7 किलोग्राम बढ़ता है, जबकि इसी दौरान पुरुषों की लंबाई 4 सेंटीमीटर और वजन 6.5 किलोग्राम बढ़ता है। जैसे-जैसे जीवन स्तर में सुधार होता है, पुरुषों का शारीरिक विकास महिलाओं से अधिक तेजी से होता है।
Published on:
23 Jan 2025 07:49 am
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