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दोस्ती में दगा या बड़ी साजिश? दमिश्क हमले से हिज्बुल्लाह ने किया साफ इनकार, बोला – ‘हमें आपस में लड़ाने की हो रही कोशिश’

Damascus Attack Plot Hezbollah Link: दमिश्क हमले की साजिश पर हिज्बुल्लाह ने खुद को अलग करते हुए आरोपों को झूठा है। संगठन ने दावा किया है कि हमें आपस में लड़ाने की कोशिश की जा रही है, जानें क्या है पूरा मामला।

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भारत

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Rahul Yadav

Apr 12, 2026

Hezbollah Denies Syria Accusations

Hezbollah Denies Syria Accusations (AI Generated Image)

Hezbollah Denies Syria Accusations: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक नई साजिश ने हलचल मचा दी है। सीरिया की राजधानी दमिश्क में एक धार्मिक शख्सियत को निशाना बनाने की कथित साजिश का खुलासा हुआ है। जिसके बाद क्षेत्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि, ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह ने इस पूरे मामले से साफ तौर पर खुद को अलग कर लिया है और आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

दमिश्क में हमले की साजिश का खुलासा

सीरिया के गृह मंत्रालय के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने दमिश्क के बाब तूमा इलाके में एक महिला को गिरफ्तार किया है जो एक धार्मिक व्यक्ति के घर के बाहर विस्फोटक लगाने की कोशिश कर रही थी। जांच के दौरान सुरक्षाबलों ने विस्फोटक को निष्क्रिय कर दिया और इस साजिश से जुड़े पांच अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया।

शुरुआती जांच में दावा किया गया कि इस सेल के तार लेबनान के उग्रवादी संगठन हिज्बुल्लाह से जुड़े हो सकते हैं और इसके सदस्यों को विदेश में विशेष सैन्य प्रशिक्षण दिया गया था।

हिज्बुल्लाह ने किया साफ इनकार

इन आरोपों पर हिज्बुल्लाह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने रविवार को जारी बयान में कहा कि ये आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। हिज्बुल्लाह ने साफ कहा कि उसका सीरिया में किसी भी तरह की गतिविधि, संबंध या मौजूदगी नहीं है। संगठन ने सीरियाई अधिकारियों से अपील की कि बिना सबूत के आरोप लगाने से पहले मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच की जाए।

हमें आपस में लड़ाने की कोशिश की जा रही है…

हिज्बुल्लाह ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि सीरिया की जमीन पर सक्रिय कुछ खुफिया एजेंसियां जानबूझकर ऐसे हालात पैदा कर रही हैं, ताकि लेबनान और सीरिया के बीच तनाव बढ़ाया जा सके। संगठन के मुताबिक, यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद क्षेत्रीय रिश्तों को कमजोर करना और आपसी टकराव को बढ़ावा देना है।

ईरान यूएस शांति वार्ता के बीच नया विवाद

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर प्रयास जारी हैं और पूरे क्षेत्र में तनाव पहले से ही चरम पर है। इसी बीच, ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने भी वार्ता के विफल होने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह समझना होगा कि वह ईरान पर अपनी शर्तें नहीं थोप सकता।