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‘हूती विद्रोहियों ने ईरान के कहने पर सऊदी अरब में नागरिक ठिकानों पर किए हमले!’, राजनीतिक विश्लेषक का दावा

Houthis-Saudi Arabia Conflict: सऊदी अरब के एक राजनीतिक विश्लेषक ने हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब में नागरिक ठिकानों पर हमलों के बारे में एक बड़ा दावा किया है।
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भारत

•

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Tanay Mishra

•

Oct 09, 2026

Houthis missile strike

हूती विद्रोहियों ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें (Photo - ANI)

यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच तनाव ने अब ऐसा रूप ले लिया है जैसे जंग छिड़ गई हो। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। सऊदी अरब के समर्थन में यमन की सरकारी सेना भी हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर रही है। हूती विद्रोही पहले सऊदी अरब के सैन्य ठिकानों को ही निशाना बना रहे थे, लेकिन अब नागरिक ठिकानों पर भी हमले कर रहे हैं। इनमें रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नजरान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले शामिल हैं। इसी बीच अब सऊदी अरब के एक राजनीतिक विश्लेषक ने एक बड़ा दावा किया है।

ईरान के कहने पर हुए सऊदी अरब में नागरिक ठिकानों पर हमले?

सऊदी अरब के राजनीतिक विश्लेषक और लेखक खालिद बतारफी ने यमन के हूती विद्रोहियों की वैधता पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि सऊदी अरब इस संगठन के खिलाफ़ एक मिलिट्री कैंपेन चला रहा है। बतारफी ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, "हूती एक आतंकी संगठन है, कोई देश नहीं। हूतियों का यह तर्क गलत है कि उनके हमले उनके संगठन पर लगाए गए प्रतिबंधों और नाकेबंदी के जवाब में हैं। प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र ने लगाए थे, सऊदी अरब ने नहीं और किसी भी उड़ान के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ तालमेल बिठाना ज़रूरी है। ऐसा लगता है कि हूतियों ने सऊदी अरब में नागरिक ठिकानों पर ईरान के कहने पर हमले किए हैं।" आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यमन के हूती विद्रोहियों को ईरान से समर्थन प्राप्त है और ईरान इस संगठन को सैन्य और आर्थिक सहायता भी मुहैया कराता है।

ईरान से मिले थे हूती विद्रोहियों को आदेश

बतारफी ने दावा करते हुए कहा, "हूती विद्रोही चाहते हैं कि ईरान की महान एयरलाइन्स की हफ्ते में 28 उड़ानें जारी रहें, भले ही ईरान में कोई यमनी न हो। ये सभी उड़ानें हथियारों और मिलिट्री एक्सपर्ट्स से भरी होती हैं। यमन में चल रहे संघर्ष की शुरुआत से हूती विद्रोही आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। वो सिर्फ उन कुछ सालों में रुके जब सीज़फायर लागू था। फिर उन्होंने सीज़फायर तोड़ दिया और आम नागरिकों के ठिकानों को निशाना बनाने की अपनी पुरानी आदत पर लौट आए, क्योंकि उन्हें ईरान से आदेश मिले थे।"

अपनी सुरक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार सऊदी अरब

बतारफी ने एक अन्य इंटरव्यू के दौरान कहा, "हूती विद्रोहियों ने पहले भी सऊदी अरब को हमलों की धमकियाँ दी हैं, लेकिन सऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार है।"