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हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, यमन की सेना ने हवा में ही मार गिराईं

Houthis-Saudi Arabia Conflict: हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच स्थिति गंभीर हो चुकी है। आज एक बार फिर हूतियों ने सऊदी अरब पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन यमन की सेना ने इन मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।
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भारत

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Tanay Mishra

•

Oct 08, 2026

Houthis missile strike

हूती विद्रोहियों ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें (File Photo)

यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) की ओर से लगातार एक-दूसरे पर हमले किए जा रहे हैं। यमन की सरकारी सेना, जिसे सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है, ने पिछले कुछ दिनों में हूतियों पर हमला बढ़ा दिए हैं। ऐसे में हूतियों ने भी सऊदी अरब पर हमले बढ़ा दिए हैं, जिसके जवाब में आज सऊदी अरब ने भी हूती विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाकों में एयरस्ट्राइक्स की। ऐसे में हूतियों ने आज एक बार फिर सऊदी अरब पर मिसाइल अटैक कर दिया।

हूती विद्रोहियों ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, यमन की सेना ने हवा में ही मार गिराया

जानकारी के अनुसार आज, गुरुवार, 8 अक्टूबर को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि उनका यह हमला कामयाब नहीं हो पाया, क्योंकि सऊदी अरब समर्थित यमन की सेना ने हवा में ही उन मिसाइलों को मार गिराया। जानकारी के अनुसार दो बैलिस्टिक मिसाइलें सऊदी अरब की राजधानी रियाद की ओर दागी गई थी, जिन्हें हवा में ही मार गिराया। तीसरी बैलिस्टिक मिसाइल दक्षिण-पश्चिमी शहर खमीस मुशैत की ओर दागी गई, जिसे भी हवा में ही नष्ट कर दिया गया।

हुआ नुकसान

हूतियों द्वारा सऊदी अरब पर दागी गईं बैलिस्टिक मिसाइलों को भले ही यमन की सेना ने हवा में ही मार गिराया, लेकिन फिर भी उससे नुकसान हुआ। सऊदी अरब की सिविल डिफेंस एजेंसी का कहना है कि राजधानी रियाद को निशाना बनाकर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में तबाह तो कर दिया गया, लेकिन उसका मलबा धरती पर गिरा, जिसकी वजह से एक किंडरगार्टन स्कूल और क्लिनिक को नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस दौरान कोई हताहत नहीं हुआ।

क्या शुरू होगी एक और जंग?

हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच आधिकारिक तौर पर जंग छिड़ने का खतरा बढ़ता जा रहा है। अगर ऐसा हुआ, तो मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ना तय है। यमन में 2014 के आखिर में संघर्ष तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच अनबन चल रही है। यमन की सरकारी सेना भी हूतियों के खिलाफ है, जिसे सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है। हूतियों और यमन की सेना के बीच भी हमलों का दौर जारी है।