
Human-Rights-Report
India rejected America's Human Right report News in Hindi : भारत (India) ने अमरीका ( America) की ओर से जारी की गई मणिपुर ( Manipur) में 'महत्वपूर्ण मानवाधिकारों का हनन' विषयक रिपोर्ट को 'गहरा पक्षपातपूर्ण'बताते हुए खारिज कर दिया है। भारत ने इसे "खराब समझ" और कथित अधिकारों का दुरुपयोग करार दिया है। भारत ने कहा है कि वह इस रिपोर्ट को "कोई महत्व नहीं" देता है।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ( (Foreign Ministry spokesperson )रणधीर जयसवाल (Randhir Jaiswal ) ने कहा, "यह रिपोर्ट बहुत पक्षपातपूर्ण है और अमरीका की खराब समझ दर्शाती है। हम इसे कोई महत्व नहीं देते हैं और आपसे भी ऐसा करने का आग्रह करते हैं।" अमरीकी विदेश विभाग के दस्तावेज़ में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की दोषसिद्धि और सजा का मुद्दा भी उठाया गया है।
भारत ने अमरीकी विदेश विभाग की उस रिपोर्ट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसमें उसने कहा था कि पिछले साल राज्य में हिंसा भड़कने के बाद मणिपुर में मानवाधिकारों का हनन हुआ था, भारत ने कहा है कि यह दस्तावेज़ गहरा पक्षपातपूर्ण है और खराब समझ दर्शाता है।
मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने रिपोर्ट पर गुरुवार को विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, "यह रिपोर्ट बहुत पक्षपातपूर्ण है और अमरीका की बहुत खराब समझ दर्शाती है। हम इसे कोई महत्व नहीं देते हैं और आपसे भी ऐसा करने का आग्रह करता हूं।”
हाल ही में जारी '2023 कंट्री रिपोर्ट्स ऑन ह्यूमन राइट्स प्रैक्टिसेज: इंडिया ( Country Reports on Human Rights Practices: India)' के सारांश में कहा गया है कि मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष के परिणामस्वरूप "महत्वपूर्ण मानवाधिकारों का दुरुपयोग" हुआ। इसमें यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi) ने इस घटना को "शर्मनाक" बताया और मामले पर कार्रवाई का आह्वान किया था।
उललेखनीय है कि अमरीका के विदेश विभाग की ओर से ऐसी रिपोर्ट हर साल जारी की जाती है और अमरीकी कांग्रेस की ओर से यह रिपोर्ट जारी करना अनिवार्य है, इसमें 14 फरवरी को बीबीसी के दिल्ली और मुंबई कार्यालयों की 60 घंटे की तलाशी का भी उल्लेख किया गया है।
Updated on:
25 Apr 2024 07:24 pm
Published on:
25 Apr 2024 07:21 pm

बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
