
अमरीका की प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रपति जो बाइडन के खिलाफ महाभियोग चलाए जाने को मंजूरी दे दी गई है। सभी रिपब्लिकन सांसदों ने अमरीकी संसद में जो बाइडन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया। प्रस्ताव के पक्ष में 221 और इसके खिलाफ 212 वोट पड़े। रिपब्लिकन सदस्यों का दावा है कि इस प्रस्ताव से जो बाइडन और उनके परिवार के खिलाफ विवादस्पद अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन के मामले में प्रमाण एकत्र करने और अपनी वैध मांगों पर आगे बढ़ने के ज्यादा अधिकार मिल जाएंगे। गौरतलब है कि रिपब्लिकन सदस्यों के नेतृत्व में संसद की समिति ने बाइडन पर उपराष्ट्रपति काल के दौरान रिश्वत लेने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। रिपब्लिक सदस्यों को कहना है कि जो बाइडन ने बेटे हंटर बाइडन के विवादास्पद इंटरनेशनल लेनदेन में अहम भूमिका निभाई। लेकिन अभी तक बाइडन के खिलाफ किसी भी प्रकार कोई सबूत पेश नहीं किया जा सका है।
चुनाव से ठीक पहले अमरीकी राष्ट्रपति बाइडन के खिलाफ औपचारिक रूप से महाभियोग की जांच शुरू किया जाना और इसके बाद प्रतिनिधि सभा तथा सीनेट में इस पर बहस और मतदान मौजूदा राष्ट्रपति के लिए खासा सिरदर्द साबित हो सकता है। हालांकि ये भी तय है कि प्रतिनिधि सभा में इस महाभियोग प्रस्ताव के पारित होने पर भी डेमोक्रेट वर्चस्व वाले सीनेट से ये प्रस्ताव पारित नहीं हो पाएगा।
सवालः बाइडन परिवार को लाखों किसलिए मिले
बुधवार को रिपब्लिकन सदस्यों द्वारा एकमत से महाभियोग के पक्ष में मतदान किए जाने के बाद, जांच समिति के अध्यक्ष जेम्स कॉमर ने संवाददाताओं से कहा, हमने बाइडन प्रशासन को एक 'कड़ा संदेश' दिया है। हमारे पास एक सीधा सा प्रश्न है, जो कि अधिकांश अमरीका जानना चाहते हैं कि बाइडन परिवार ने लाखों डॉलर पाने के लिए क्या किया?
आरोपों की जांच करेंगे
हम अपनी जिम्मेदारी को हल्के में नहीं लेते। जांच के किसी भी परिणाम का पूर्वनुमान नहीं लगाया जा सकता। लेकिन जो तथ्य सामने आए हैं उनकी उपेक्षा नहीं की जा सकती।
माइक जॉनसन, स्पीकर, अमरीका
राजनीतिक स्टंट में समय बर्बाद न करें
अमरीकी लोग ये उम्मीद करते हैं कि उनके कांग्रेस सदस्य देश और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर सोचें और उन पर कदम उठाएं, न कि राजनीतिक स्टंट में अपना समय बर्बाद करें।
जो बाइडन, राष्ट्रपति, अमरीका
बाइडन परिवार को विदेशों से मिले 2 अरब रुपए
बाइडन के खिलाफ संसद की ओर से जांच की जरूरत रेखांकित करते हुए पूर्व स्पीकर केविन मैकार्थी ने कहा था कि बाइडन के आसपास एक 'भ्रष्टाचार की संस्कृति' का खुलासा हुआ है। गठित ओवरसाइट कमेटी का दावा है कि बाइडन परिवार और उसके व्यापारिक सहयोगियों को 2014 और 2019 के बीच चीन, कजाकिस्तान, रोमानिया, रूस और यूक्रेन में विदेशी स्रोतों से 240 लाख डॉलर (करीब 2 अरब रुपए) से अधिक प्राप्त हुए । समिति के अध्यक्ष जेम्स कॉमर ने आरोप लगाया है कि बाइडन के रिश्तेदारों - विशेष रूप से उनके बेटे हंटर ने तत्कालीन उपराष्ट्रपति तक पहुंच को बेचकर लाभ उठाया। कॉमर ने ये भी कहा कि, राष्ट्रपति ने अपने बेटे के व्यापारिक साझेदारों के साथ 'बातचीत की, भोजन किया और उनके साथ संबंध विकसित किए'।
मैं ईसाई धर्म फैलाने के लिए सही विकल्प नहीं - रामास्वामी
उधर बुधवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए दावेदार भारतवंशी विवेक रामास्वामी ने कहा कि, मैं एक हिंदू हूं और मैं अपनी कोई नकली पहचान नहीं बनाऊंगा। अपने राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाने के लिए मैं झूठ नहीं बोलने जा रहा।
उन्होंने कहा, वह ये भी साफ कर देना चाहते हैं कि ईसाई धर्म को बढ़ावा देने के लिए वह सही विकल्प नहीं हैं। अगर आप पूछते हैं कि क्या मैं इस देश में ईसाई धर्म फैलाने के लिए सबसे अच्छा राष्ट्रपति होऊंगा तो मैं साफ कर दूं कि मैं इसके लिए सही विकल्प नहीं हूं और ना ही ये यूएस के राष्ट्रपति का काम है। रामास्वामी ने आश्वासन दिया कि वह उन मूल्यों के लिए खड़े रहेंगे जिन पर अमरीका की स्थापना हुई थी।
उन्होंने कहा, अपनी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर मैं समझता हूं कि भगवान हम में से प्रत्येक के भीतर रहते हैं। मुझे लगता है कि हम सभी समान हैं। विवेक रामास्वामी ने जोर देकर कहा कि हिंदू धर्म और ईसाई धर्म समान मूल्यों को साझा करते हैं।
Updated on:
14 Dec 2023 11:28 pm
Published on:
14 Dec 2023 11:25 pm
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