भारत और आसियान देशों ने शनिवार को कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा 19वें आसियान-भारत समिट को संबोधित करने के बाद व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने का वादा किया।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर कंबोडिया में हैं। इस वर्ष आसियान-भारत संबंधों की 30वीं वर्षगांठ है और इसे आसियान-भारत मैत्री वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। आसियान शिखर सम्मेलन को संबोधित करने से पहले, धनखड़ और कंबोडियाई प्रधान मंत्री हुन सेन ने मानव संसाधन, डी-माइनिंग और विकास परियोजनाओं जैसे क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। धनखड़ ने वियतनाम के प्रधान मंत्री फाम मिन्ह चिन्ह से भी मुलाकात की।
डिजिटल से लेकर स्मार्ट कृषि में सहयोग
संयुक्त बयान में, भारत और आसियान देशों ने डिजिटल परिवर्तन, डिजिटल बिजनेस, डिजिटल स्किल और इनोवेशन के साथ ही हैकथॉन में क्षेत्रीय क्षमता निर्माण गतिविधियों की एक सीरीज के माध्यम से डिजिटल अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ाने की घोषणा की। भविष्य के लिए तैयार, लचीली और टिकाऊ खाद्य आपूर्ति विकसित करने और स्मार्ट कृषि के लिए नई प्रौद्योगिकियों के उपयोग में सहयोग का वादा भी किया गया। आसियान और भारत सार्वजनिक स्वास्थ्य में सहयोग बढ़ाकर अपने लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करेंगे, जिसमें अनुसंधान और विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के क्षेत्र शामिल हैं।
ईस्ट एशिया समिट में भी लेंगे हिस्सा
13 नवंबर को, धनखड़ 17वें ईस्ट एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे जिसमें दस दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संघ (आसियान) के सदस्य देश और इसके आठ संवाद सहयोगी शामिल हैं - भारत, चीन, जापान, कोरिया गणराज्य, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमरीका और रूस। इस दौरान धनखड़ समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद सहित क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हित और चिंताओं के मामलों पर चर्चा करेंगे। दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसके दक्षिण पूर्व एशिया में 10 सदस्य देश हैं: ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम।