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Maldives: ‘इंडिया आउट’ का अभियान चलाने वाला मालदीव अब भारत के ही टुकड़ों पर पलेगा, जानें क्यों?

भारत से गिड़गिड़ाकर आखिरकार मालदीव (Maldives) ने अपने लिए मदद मांगी और भारत ने भी बड़ा दिल दिखाकर उसे 5 करोड़ डॉलर की भारी-भरकम मदद दे दी। भारत की इस मदद के लिए मालदीव के विदेश मंत्री मूसा ज़मीर ने भारत का धन्यवाद भी दिया है।

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India gave 50 million dollars help to Maldives

India gave 50 million dollars help to Maldives

कुछ महीने पहले मालदीव (Maldives) जो अकड़ भारत को दिखा रहा था, वो अब पानी-पानी हो गया है। भारत से गिड़गिड़ाकर आखिरकार उसने अपने लिए मदद मांगी और भारत ने भी बड़ा दिल दिखाकर उसे 5 करोड़ डॉलर की भारी-भरकम मदद दे दी। भारत की इस मदद के लिए मालदीव के विदेश मंत्री मूसा ज़मीर (Moosa Zameer) ने भारत का धन्यवाद भी दिया है।

भारत ने मालदीव का बजट बढ़ाया

मालदीव (Maldives) ने इस बजट विस्तार के लिए भारत से अनुरोध किया था। बीते दिनों मालदीव और भारत के विदेश मंत्रियों की मुलाकात मालदीव ने इस मदद के लिए भारत से कहा था। मालदीव ने कहा है कि "भारत सरकार की सहायता से बड़ी संख्या में ढांचागत विकास परियोजनाएं और उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाएं चल रही हैं, जिसमें अनुदान सहायता के रूप में एक उल्लेखनीय हिस्सा शामिल है।" साथ ही कहा गया है कि मालदीव सरकार अपने लोगों के पारस्परिक लाभ और समृद्धि के लिए दोनों देशों के बीच सहयोगात्मक साझेदारी जारी रखने के लिए तैयार है।

अब सुधरेंगे भारत-मालदीव संबंध

ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत के प्रति मालदीव (India-Maldives Relation) जो अकड़ रख रह था और जिस तरह का व्यवहार कर रहा था। उससे खुद मालदीव को ही नुकसान हुआ है और अब मालदीव घुटनों पर आया है तो भारत की इस मदद से उसके रुख में नरमी आएगी।

भारत के सामने गिड़गिड़ाकर मांगी थी मदद

मालदीव के विदेश मंत्री ने इस मदद के लिए भारत से अनुरोध किया था। जिसके बाद भारत सरकार ने सोमवार को मालदीव को एक अतिरिक्त वर्ष के लिए 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ट्रेजरी बिल के रोलओवर के तौर पर बजट सहायता जारी की। मालदीव में भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में कहा कि "भारतीय स्टेट बैंक ने पिछले सब्सक्रिप्शन की परिपक्वता पर मालदीव के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के सरकारी ट्रेजरी बिल को एक और वर्ष के लिए सब्सक्राइब किया है। इन सरकारी ट्रेजरी बिलों को एक अद्वितीय सरकार के तहत SBI द्वारा सब्सक्राइब किया जाता है।, ''मालदीव सरकार के लिए शून्य-लागत (ब्याज-मुक्त) पर सरकारी व्यवस्था कर दी गई है।''

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