
अमेरिका ने भारत को रूस का तेल खरीदने की छूट क्यों दी? जानिए एक्सपर्ट की राय (इमेज सोर्स: चैट GPT AI जनरेटेड)
भारत जैसे बड़े देश को रूस का तेल खरीदने के लिए अमेरिका से छूट लेना पड़ रहा है, यह हैरानी की बात है। एनर्जी मार्केट और जियोपॉलिटिक्स एक्सपर्ट डॉ. अनस अल-हज्जी के अनुसार, अमेरिका द्वारा भारत को दी गई 30 दिन की ये छूट दो तरह की दुखद स्थितियों को दर्शाती है।
‘द हिंदुस्तान टाइम्स’ के पॉडकास्ट पर एक्सपर्ट ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या भारत को अपनी जरूरत के लिए किसी और देश की अनुमति लेनी चाहिए? दूसरा, यह दिखाता है कि ग्लोबल एनर्जी सिक्योरिटी और शिपिंग रूट्स अभी भी अनिश्चित हैं।
डॉ. अल-हज्जी के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने जहाजों को सुरक्षा और इंश्योरेंस दिया, यह मानकर कि युद्ध और खाड़ी की स्थिति जल्दी सामान्य हो जाएगी। लेकिन छूट मिलने का मतलब यही है कि हालात जल्द ठीक नहीं होने वाले। यह न केवल भारत के लिए चिंता का विषय है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और जियोपॉलिटिकल स्थिति की नाजुकता को भी उजागर करता है।
साथ ही, उन्होंने US प्रेसिडेंट ट्रंप के तेल की कीमतों पर पुराने विचारों और रूसी एनर्जी कंपनियों पर US सेंक्शन के असर के बारे में भी बात की और यह भी बताया कि यह भारत में कच्चे तेल की खरीद को भी प्रभावित कर सकता है।
डॉ. अनस अल-हज्जी ने बताया कि हाल के महीनों में अमेरिका ने रूस की कुछ बड़ी एनर्जी कंपनियों पर बैन लगाने के बाद भारत में रूसी क्रूड की खरीद थोड़ी धीमी हुई थी। पहले बड़े रिफाइनरी, जैसे रिलायंस, रूस से सीधे कच्चा तेल खरीदते थे, लेकिन अमेरिकी बैन की वजह से उन्होंने ये खरीद कम कर दी।
हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत ने कभी पूरी तरह रूसी क्रूड लेना बंद नहीं किया। कुछ तेल दूसरे रास्तों से और डिस्काउंट पर भारत पहुंचा। डॉ. अल-हज्जी ने यह भी बताया कि कुछ रूसी टैंकर ओमान आते हैं और फिर रूस लौट जाते हैं, जिससे यह पता लगाना मुश्किल होता है कि तेल आखिर कहां गया।
सबसे बड़ी चिंता केवल छूट की नहीं है, बल्कि होर्मुज स्ट्रेट और शिपिंग रूट्स में अस्थिरता है। उन्होंने कहा कि अगर नियमों और इंश्योरेंस पाबंदियों को कुछ समय के लिए सस्पेंड किया जाए, तो यह संकट जल्दी हल हो सकता है। यूरोपीय कानून और इंश्योरेंस कंपनियों ने टैंकरों को फंसाया हुआ है, लेकिन इसे सीधे हल किया जा सकता है। डॉ. अल-हज्जी का मानना है कि बिना जटिल रास्ते अपनाए, केवल नियमों में बदलाव करके समस्या को तुरंत कम किया जा सकता है।
Updated on:
06 Mar 2026 05:46 pm
Published on:
06 Mar 2026 05:44 pm
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