
India military statement reaction China Pakistan drones: भारतीय सेना के उप सेना प्रमुख (India military reaction) ने हाल ही में कहा कि चीन ने भारत की महत्वपूर्ण सैन्य संपत्तियों का लाइव डेटा शेयर किया (China live data sharing) है। साथ ही, तुर्की ने पाकिस्तान को ड्रोन मुहैया (Pakistan drone support) कराए हैं। इस बयान पर सेवानिवृत्त मेजर जनरल (डॉ) जीडी बख्शी (Major General Bakshi statement) ने प्रतिक्रिया दी है। मेजर जनरल बख्शी ने इस बयान को ‘नपा-तुला’ बताया। उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि चीन अपने हथियारों का परीक्षण उन्नत हथियारों के खिलाफ मुफ्त में कर रहा है। इसलिए हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए और अपनी सुरक्षा मजबूत करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के आबादी वाले केंद्रों को सीधे नुकसान नहीं पहुंचा सकता। भारत की सेना ने पाकिस्तान के नौ आतंकी शिविरों को सफलतापूर्वक नष्ट किया है। यह हमारी सैन्य क्षमता और रणनीति का परिचायक है।
मेजर जनरल बख्शी ने बताया कि भारत के पास युद्ध के दौरान कुल हवाई श्रेष्ठता थी। उन्होंने कहा कि अगर सभी आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया होता, तो यह स्थिति और भी बेहतर होती। इसके अलावा, भारत ने युद्ध को लंबा नहीं खींचा और समझदारी से स्थिति को संभाला।
अंत में, उन्होंने कहा कि आज की जटिल वैश्विक स्थिति में भारत को हमेशा सतर्क और मजबूत रहना होगा। चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देश अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहे हैं, इसलिए हमें अपनी तैयारियों को और बेहतर बनाना होगा।
मेजर जनरल (डॉ) जीडी बख्शी का बयान संतुलित और समझदारी भरा है। उन्होंने सेना उप प्रमुख के गंभीर आरोपों को सही संदर्भ में रखा है और साथ ही भारत की सैन्य तैयारियों और हवाई श्रेष्ठता पर विश्वास जताया है। यह बयान दर्शाता है कि भारत अपनी सुरक्षा को लेकर सजग है और हर संभव कदम उठा रहा है, जिससे देश की सीमाओं की रक्षा मजबूत बनी रहे।
आने वाले समय में हमें यह देखना होगा कि भारत अपनी सैन्य तकनीक और खुफिया क्षमता को कैसे और बेहतर बनाता है। खासकर चीन और पाकिस्तान जैसी चुनौतियों के बीच, भारत की रणनीतिक तैयारी, ड्रोन रक्षा प्रणाली और आतंकवाद विरोधी अभियान की प्रगति पर नजर रखना जरूरी होगा। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी सहायता भी इस संदर्भ में अहम भूमिका निभाएगी।
इस पूरे विवाद में एक पहलू यह भी है कि आधुनिक युद्ध में ‘लाइव डेटा’ शेयर करने जैसी बातें अब सैन्य रणनीति और साइबर सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो गई हैं। चीन और तुर्की जैसे देश जो अपनी सैन्य तकनीक विकसित कर रहे हैं, उनके साथ भारत का मुकाबला केवल भौतिक हथियारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में भी बढ़ता जा रहा है।
Updated on:
04 Jul 2025 06:08 pm
Published on:
04 Jul 2025 06:05 pm
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