
भारत पाकिस्तान अटारी वाघा सीमा पर कैदियों की रिहाई। ( फाइल फोटो : ANI)
India-Pakistan Released Each Other Prisoners : दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव,देश में आतंकवाद और घुसपैठ की घटनाओं व आपरेशन सिंदूर के बावजूद भारत ने पाकिस्तान पर रहम खाया और जानी दुश्मन होने पर भी उसके 386 कैदी रिहा कर दिए। इसके बदले में पाकिस्तान ने भारत के महज 53 लोगों को छोड़ा। भारत और पाकिस्तान ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ राजनयिक चैनलों के माध्यम से एक-दूसरे की हिरासत में रह रहे नागरिक कैदियों और मछुआरों की ये सूचियां शेयर कीं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी एक्स पर टवीट कर इस संबंध में जानकारी दी है।
भारत ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह सभी भारतीय और संदिग्ध भारतीय कैदियों की रिहाई और भारत में वापसी होने तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करे। ध्यान रहे कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2008 में हस्ताक्षरित कांसुलर एक्सेस समझौते के तहत दोनों देशों की ऐसी सूचियों का हर साल वर्ष 1 जनवरी और 1 जुलाई को आदान प्रदान किया जाता है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान की हिरासत से आम नागरिकों, मछुआरों और उनकी नावों को जल्द रिहा करने और उन्हें वापस लाने, साथ ही लापता भारतीय रक्षा कर्मियों की वापसी की भारत सरकार लगातार मांग करती रही है।
भारत ने पाकिस्तान से अनुरोध किया है कि वह अपनी हिरासत में मौजूद उन 13 भारतीय नागरिकों को तुरंत कॉन्सुलर एक्सेस दे, जिनके भारतीय होने का संदेह है और जिन्हें अभी तक ऐसा एक्सेस नहीं दिया गया है।
गौरतलब है कि भारत सरकार के निरंतर प्रयासों के नतीजतन सन 2014 से अब तक पाकिस्तान से 2,661 भारतीय मछुआरों और 78 भारतीय नागरिक कैदियों को वापस लाया गया है। इनमें 2023 से अब तक पाकिस्तान से वापस लाए गए 500 भारतीय मछुआरे और 20 भारतीय नागरिक कैदी शामिल हैं।
Updated on:
01 Jul 2026 05:40 pm
Published on:
01 Jul 2026 05:39 pm
