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Alert: रूस-चीन ने गुपचुप की डिफेंस ट्रेनिंग, क्या यह अमेरिका, दक्षिण कोरिया और यूक्रेन के लिए अलर्ट है ?

Russia-China Training: रूस और चीन की सेनाओं ने बायोलॉजिकल और केमिकल युद्ध के लिए गुप्त रूप से ट्रेनिंग करके अपनी क्षमताओं को परखने के लिए हाथ मिलाया। यह दुश्मन देशों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है।
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भारत

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MI Zahir

Jul 01, 2026

Russia-China Defense Training News

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जि​नपिंग । ( फोटो : ANI)

Russia-China Conducted Covert Defense Training: दो सुपर पावर रूस और चीन की फौजों ने मिल कर गुपचुप जैविक और रासायनिक युद्ध की ट्रेनिंग कर अपनी ताकत आजमाई। मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि आला गुप्त चीन-रूसी सैन्य प्रशिक्षण किया। यह प्रशिक्षण यूक्रेन में युद्ध से जुड़ा हुई है। सूत्रों और दस्तावेज के अनुसार, कम से कम चार जनरलों ने भाग लिया। चीन में दिए गए प्रशिक्षण में जैविक और रासायनिक युद्ध की जानकारी शामिल थी। यह बात दीगर है कि बीजिंग ने भले ही ऐसी कोई भी ट्रेनिंग होने से इनकार किया है, लेकिन यह अमेरिका,दक्षिण कोरिया और यूक्रेन के लिए अलर्ट है। क्यों कि सेना की गोपनीय ट्रेनिंग का ढिंढोरा नहीं पीता जाता है।

बायोलॉजिकल और कैमिकल युद्ध का प्रशिक्षण शामिल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन और रूस की इस ट्रेनिंग के दौरान रेडियोलॉजिकल, बायोलॉजिकल और कैमिकल युद्ध का प्रशिक्षण शामिल है। उसी रिपोर्ट के ट्रेनिंग कोर्स में से एक कोर्स का विस्तृत विवरण दिया गया था और यह भी पता चला है कि नवंबर में बीजिंग में सैन्य सुविधा में रेडियोलॉजिकल, रासायनिक और जैविक सुरक्षा पर केंद्रित तीन सप्ताह का सत्र भी हुआ था। इसी तरह एक दूसरी रिपोर्ट में रूसी सैनिकों को एक चीनी प्रशिक्षक द्वारा व्याख्यान देते हुए, एक मॉडल परमाणु रिएक्टर देखते हुए, और 'रासायनिक टोही', 'विकिरण टोही' और वेंटिलेशन सिस्टम की तस्वीरें प्रदर्शित की गईं, जो इस ट्रेनिंग की चीख चीख कर गवाही दे रही हैं।

चार रूसी और चीनी जनरलों की इसमें प्रत्यक्ष भागीदारी रही

दो यूरोपीय अधिकारियों और दस्तावेज के अनुसार, पिछले साल रूसी सेनाओं को चीन की ओर से दिए गए गुप्त सैन्य प्रशिक्षण को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के रक्षा मंत्री ने व्यक्तिगत रूप से अनुमोदित किया था और इसमें कम से कम चार रूसी और चीनी जनरलों की इसमें प्रत्यक्ष भागीदारी रही थी। अधिकारियों के अनुसार यूक्रेन युद्ध से जुड़े प्रशिक्षण में सेना के इतने उच्च पदस्थ व्यक्तियों का शामिल होना रूस और चीन के लिए इस तरह के सहयोग का महत्व दर्शाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय खुफिया एजेंसियों और सैन्य दस्तावेजों के हवाले बताया गया है कि चीन ने नवंबर में लगभग 200 रूसी सैनिकों को प्रशिक्षित किया था, जिनमें से कुछ बाद में यूक्रेन में युद्ध में शामिल हो गए।

गोपनीय रूसी दस्तावेज में आंतरिक फरमान से खुलासा

मीडिया रिपोर्ट के मुता​बिक एक गोपनीय रूसी दस्तावेज में रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव की ओर से अगस्त 2025 में जारी किए गए एक आंतरिक फरमान का सीधा उल्लेख होने का खुलासा किया गया है। इसमें कहा गया है कि बेलौसोव के निर्णय के अनुसार, रूस के सशस्त्र बलों का एक प्रतिनिधिमंडल पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) सुविधाओं में प्रशिक्षण अभ्यासों में भाग लेने के लिए चीन गया था। इससे साबित होता है कि फौजी ट्रेनिंग हुई तो थी।

दस्तावेज में ट्रेनिंग भाग लेने वाले तीन जनरलों के नाम शामिल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नानजिंग में हुए प्रशिक्षण पर एक रिपोर्ट में उपकरणों के स्तर, सिमुलेटर के उपयोग और प्रशिक्षकों के उच्च सैद्धांतिक ज्ञान की प्रशंसा की गई है, जबकि विशेष रूप से चीन के युद्ध अनुभव की कमी का उल्लेख किया गया। अन्य दस्तावेज में ट्रेनिंग भाग लेने वाले तीन जनरलों के नाम बताए गए हैं। एक रूसी सैन्य दस्तावेज में सभी पाठ्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति के नाम सूचीबद्ध थे,जिनमें वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल थे।

ट्रेनिंग में ये आला फौजी अफसर शामिल थे

एक सैन्य दस्तावेज के अनुसार, रूस की थल सेना के उप कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल रुस्तम मुरादोव ने रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। बाद वाले प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, पीएलए की रेडियोलॉजिकल, केमिकल और बायोलॉजिकल डिफेंस मिलिट्री अकादमी के प्रमुख, चीनी मेजर जनरल ली जिनसुन ने एक कोर्स के उद्घाटन में भाग लिया। सूची के अनुसार, रूसी मेजर जनरल विटाली गेरासिमोव ने बेंगबू में एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भाग लिया।