
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और जनरल केनेथ विल्सबैक
US-Indian Air force: भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के एयर चीफ के बीच हुई अहम बैठक में वायु सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार और आधुनिक तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इस चर्चा को दोनों पक्षों ने “प्रोडक्टिव एक्सचेंज” बताते हुए भविष्य के संयुक्त अभियानों के लिए इसे महत्वपूर्ण बताया।
इस बैठक में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और जनरल केनेथ विल्सबैक के बीच व्यापक चर्चा हुई। भारतीय वायु सेना के अनुसार, बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच तालमेल को बेहतर बनाना और ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करना था। बैठक के दौरान जॉइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम, नई तकनीकों के उपयोग और साझा सीख को बढ़ावा देने पर भी फोकस किया गया। यह कदम भविष्य में संयुक्त अभियानों के लिए दोनों सेनाओं को और सक्षम बनाएगा।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अपने दौरे के दौरान पेटरसन स्पेस फोर्स बेस और नेलिस एयर फोर्स बेस का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जनरल ग्रेगरी एम गिलोट के साथ रणनीतिक चर्चाएं कीं। इसके अलावा उन्हें एफ-15 ईएक्स फाइटर जेट में फेमिलियराइजेशन फ्लाइट का अनुभव भी मिला। इन दौरों का उद्देश्य अमेरिका की आधुनिक सैन्य क्षमताओं को समझना और सहयोग के नए अवसर तलाशना था।
इस यात्रा के दौरान विनय मोहन क्वात्रा ने एयर चीफ का स्वागत किया और कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा। वहीं सर्जियो गोर ने भी अपने संदेश में कहा, “हम एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का अमेरिका में स्वागत करते हैं और भारत के साथ बढ़ते सहयोग की उम्मीद करते हैं।” इस पूरी बातचीत को “प्रोडक्टिव एक्सचेंज” बताया गया, जिसमें जटिल ऑपरेशनल मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
Published on:
12 Apr 2026 01:57 pm
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