14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आईएस के चंगुल से छूटकर भारत लौटी 17 वर्षीय लड़की की कहानी

दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक जहां पूरी दूनिया में आतंक फैलाने मेें लगी है वहीं आईएस के चंगुल से छूटकर भारत लौटी 17 वर्षीय लड़की की कहानी सामने आई है।

2 min read
Google source verification

image

Jyoti Yadav

Nov 21, 2015

दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक जहां पूरी दूनिया में आतंक फैलाने मेें लगी है वहीं आईएस के चंगुल से छूटकर भारत लौटी 17 वर्षीय लड़की की कहानी सामने आई है।

एक अंग्रेजी अखबार के अनुसार, एक युवती को उसकी मां के साथ बीते साल 20 दिसंबर को हैदराबाद एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। दोनों से लंबी पूछताछ के बाद बिना कार्रवाई के छोड़ दिया दिया।

खबरों के अनुसार, अधिकारियों ने बताया है कि युवती को तुर्की में कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। वह सीरिया में आईएस के बीच से भारत लौटी है। लड़की ने बताया है कि,अपने पिता, दो भाई और एक बहन के साथ कतर की राजधानी दोहा में रह रही थी।

पिता बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर सेवा दे रहे थे। उसने बताया कि अमानी दोहा के अस्पताल में नर्स थी। यमन निवासी अमानी अब्दुल (29 वर्ष) के संपर्क में थी। वह अमानी को अंग्रेजी सिखाती थी। बदले में अमानी लड़की को लैपटॉप, मोबाइल जैसे कई महंगे गिफ्ट देती थी।

अमानी ने ही लड़की को नर्सिंग में मास्टर डिग्री लेने के लिए प्रेरित किया था। अमानी अक्सर उसे सीरिया संकट के बारे में बताती थी। और मौका पाकर महिला ने लड़की का ब्रेनवॉश करना शुरू कर दिया और इस्लामिक कट्टरवाद के बारे में सिखाना शुरू किया।

सूत्रों के मुताबिक, लड़की ने बताया कि 24 अक्टूबर 2014 को वह अमानी के साथ सात घंटे का सफर तय करने के बाद सभी एक अनजान जगह पहुंचे। वहां उसे 20 दिन तक बंदी बनाकर रखा गया। दिसंबर 2014 के पहले हफ्ते में वह आतंकियों के चंगुल से छूटकर भाग निकली।

अगले दिन वह स्थानीय एयरपोर्ट पहुंची। जहां उसने अपने माता-पिता से संपर्क किया। बाद में वह स्थानीय अधिकारियों की मदद से अपने घर और फिर मां के साथ हैदराबाद पहुंची। भारतीय खुफिया एजेंसियां लड़की से पूछताछ कर चुकी है। वह फिलहाल दक्षिण भारत के किसी राज्य में अपने परिजन के साथ रह रही है।

ये भी पढ़ें

image