
Beach in Sri Lanka
भारत (India) और मालदीव (Maldives) के बीच चल रहा विवाद अभी भी खत्म नहीं हुआ है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (Mohamed Muizzu) के 'इंडिया आउट' अभियान से यह विवाद भड़का था। उसके बाद भारत के पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के लक्षद्वीप (Lakshadweep) दौरे और लक्षद्वीप का प्रचार करने पर मालदीव के तीन मंत्रियों ने पीएम मोदी और भारतीयों के बारे में विवादित टिप्पणी दी थी। इससे दोनों देशों के बीच चल रहा विवाद और बढ़ गया। विवाद इतना बढ़ गया कि बड़ी संख्या में भारतीयों ने मालदीव का बहिष्कार करना शुरू कर दिया। पिचले साल तक भारत से ही मालदीव सबसे ज़्यादा पर्यटक जाते थे। पर अब ऐसा नहीं रहा है। मालदीव को नुकसान हुआ है और मालदीव का यही नुकसान श्रीलंका (Sri Lanka) के लिए फायदा बन गया है।
भारतीय पर्यटकों को पसंद आए श्रीलंकाई समुद्री तट
भारत में बड़ी संख्या में लोग मालदीव का बहिष्कार कर चुके हैं और मालदीव की यात्रा न करने का मन भी बना चुके हैं। ऐसे में ये पर्यटक भारत में अलग-अलग जगहों पर तो घूमने जा ही रहे हैं, पर भारत से बाहर भी कुछ देशों में जा रहे हैं। इनमें श्रीलंका भी शामिल है। भारतीय पर्यटकों को श्रीलंकाई समुद्री तट काफी पसंद आ रहे हैं।
विदेशी पर्यटकों के मामले में श्रीलंका ने छोड़ा मालदीव को पीछे
मालदीव की अर्थव्यवस्था का एक मुख्य हिस्सा पर्यटन पर निर्भर करता है। हर साल मालदीव में कई विदेशी पर्यटक आते हैं जिनमें सबसे ज़्यादा संख्या भारतीय पर्यटकों की रहती हैं। पर अब भारतीय पर्यटकों का रुझान कम होने की वजह से इस संख्या में भारी गिरावट हुई है। जनवरी महीने में श्रीलंका ने विदेशी पर्यटकों के मामले में मालदीव को पीछे छोड़ दिया है। जनवरी महीने के आंकड़ों के अनुसार मालदीव में 1 लाख 92 हज़ार पर्यटक पहुंचे तो वहीं श्रीलंका में 2 लाख 8 हज़ार पर्यटक पहुंचे। इनमें भारतीय पर्यटकों की संख्या काफी ज़्यादा रही। श्रीलंका में जनवरी में भारतीय पर्यटकों की संख्या 13,759 से बढ़कर 34,399 तक पहुंच गई है।
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Published on:
05 Feb 2024 03:23 pm

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