
Ebrahim Zolfaghari spokesperson for the IRGC’s Khatam al-Anbiya Central Headquarters (Photo - ANI)
Iran IRGC Responds to Trump's Threat : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के कुछ ही देर बाद ईरान की तरफ से जवाब आ गया है। IRGC के कमांडर ने अमेरिका को चेताते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में हालात और तेजी से गंभीर हो सकते हैं। IRGC के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फाघारी ने कहा कि अगर तनाव बढ़ता रहा, तो पूरा क्षेत्र अमेरिका और इजरायल के लिए नरक बन जाएगा और ईरान को हराने का भ्रम उनको दलदल में फंसा देगा।
IRGC के कमांडर ने दावा किया कि ईरान ने अपने ड्रोन और मिसाइल के जरिए इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी हमले में दुश्मन को काफी नुकसान पहुंचा है।
अब्दुल्लाही ने कहा कि लगातार हार स्वीकार करने के बाद, अमेरिका के आक्रामक और युद्ध-उन्मादी राष्ट्रपति ने एक हताश, घबराहट भरी, असंतुलित और मूर्खतापूर्ण हरकत करते हुए, ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर और राष्ट्रीय संपत्तियों को निशाना बनाने धमकी दी है।
उन्होंने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल देश के अधिकारों की रक्षा करने और राष्ट्रीय संपत्तियों को बचाने के लिए एक पल भी नहीं हिचकिचाएंगे। वह अमरीकियों को उनकी औकात दिखा देंगे।
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि याद है जब मैंने ईरान को 'कोई समझौता करने' या 'होरमुज़ जलडमरूमध्य खोलने' के लिए दस दिन दिए थे? उन्होंने आगे कहा कि समय निकलता जा रहा है। 48 घंटे बाद अमेरिका उन पर पूरी तरह से कहर बनकर टूट पड़ेगा।
21 मार्च को ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होरमुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने में नाकाम रहता है, तो वह ईरान के बिजली संयंत्रों पर "हमला करके उन्हें तबाह" कर देंगे। हालांकि, दो दिन बाद, तेहरान के साथ सार्थक बातचीत करने के बाद उन्होंने बिजली संयंत्रों पर हमले को पांच दिनों के लिए टाल दिया। बाद में उन्होंने इस समय सीमा को फिर से आगे बढ़ा दिया।
इस बीच, ईरान की IRGC नौसेना ने कहा कि उसने एक ड्रोन के ज़रिए इज़राइल से जुड़े एक जहाज पर हमला किया, जिससे उसमें आग लग गई। अपने आधिकारिक समाचार आउटलेट 'सेपाह न्यूज' पर जारी एक बयान में, IRGC ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उसके बलों ने बहरीन के एक बंदरगाह में मौजूद इजरायल के स्वामित्व वाले एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया था।
अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य से होते हुए अपने बंदरगाहों तक आवश्यक और मानवीय सहायता का सामान ले जाने वाले जहाज़ों को गुज़रने की अनुमति दे दी है। ये घटनाक्रम 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच सामने आए हैं, जिसके जवाब में ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने पूरे मध्य पूर्व में इजरायल और अमेरिका के हितों पर हमले किए।
Updated on:
05 Apr 2026 08:45 am
Published on:
05 Apr 2026 07:41 am
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