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ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का पलटवार, यूएई और कुवैत पर दागे ड्रोन्स और मिसाइलें

Iran-US Israel War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद अब ईरान ने पलटवार किया है। ईरानी सेना ने यूएई और कुवैत पर हमले तेज़ कर दिए हैं।

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भारत

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Tanay Mishra

Apr 06, 2026

Iran launches missiles and drones on UAE and Kuwait

Iran launches missiles and drones on UAE and Kuwait

ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel) का आज 38वां दिन है और अब इसमें एक नया मोड़ आ गया है। अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने धमकी दी है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को ईरान ने नहीं खोला और युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करने से इनकार किया, तो ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को तबाह कर दिया जाएगा। ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक की डेडलाइन दी है। ट्रंप की धमकी के बीच अब ईरान ने भी पलटवार किया है।

यूएई और कुवैत पर दागें ड्रोन्स और मिसाइलें

ईरान ने अब फिर यूएई और कुवैत पर हमले तेज़ कर दिए हैं। ईरानी सेना ने यूएई (United Arab Emirates - UAE) और कुवैत (Kuwait) पर ताबड़तोड़ ड्रोन्स और मिसाइलें दागे हैं। दोनों देशों की तरफ से जानकारी दी गई है कि उनके एयर डिफेंस ईरानी ड्रोन्स और मिसाइलों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

यूएई और कुवैत को लगातार निशाना बना रहा ईरान

जब से युद्ध शुरू हुआ है, यूएई और कुवैत को ईरान लगातार निशाना बना रहा है। ईरान का निशाना दोनों देशों के तेल, ऊर्जा भंडारों-संयंत्रों, बुनियादी ढांचा और अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। अब तक ईरानी हमलों की वजह से दोनों देशों के कई तेल और ऊर्जा भंडारों और संयंत्रों को नुकसान पहुंचा है, जिससे आपूर्ति भी बाधित हुई है। इसके अलावा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी ईरान ने हमले किए हैं। ईरान का दावा है कि ये हमले इसलिए किए जा रहे हैं क्योंकि ये देश ईरान के खिलाफ अमेरिका का समर्थन कर रहे हैं और ईरान पर हमलों के लिए अपनी धरती इस्तेमाल करने दे रहे हैं।

टेक कंपनियों पर हमले शुरू

ईरान ने अब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी टेक कंपनियों पर हमले शुरू कर दिए हैं। जैसे-जैसे इन कंपनियों पर हमले बढ़ेंगे, वैसे-वैसे इन कंपनियों की तरफ से अमेरिका और मिडिल ईस्ट के देशों पर युद्ध खत्म करने का दबाव बनाया जा सकता है। अमेरिका के साथ ही मिडिल ईस्ट की अर्थव्यवस्था में भी ये टेक कंपनियाँ अहम भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा इन टेक कंपनियों पर हमलों से दूरसंचार भी प्रभावित होगा, जिसका असर मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना के कम्युनिकेशन पर पड़ सकता है। इसके साथ ही ईरानी जासूस भी इन कंपनियों पर हमले के ज़रिए इनका डेटा चुराने की कोशिश कर सकते हैं।