
ड्रोन हमला। (फाइल फोटो- आईएएनएस)
अमेरिका-ईरान के बीच फिर बवाल बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने आज यानी कि मंगलवार को सुबह दक्षिणी ईरान में हमले किए थे। इसका ईरान ने भी करारा जवाब दिया है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मंगलवार को दावा किया कि अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को उनके हवाई क्षेत्र में घुसते ही मार गिराया गया। साथ ही F-35 फाइटर जेट और RQ-4 जासूसी ड्रोन पर भी गोलीबारी की गई, जिससे दोनों को वापस भागना पड़ा।
यह घटना गल्फ इलाके में हुई है। IRGC ने साफ चेतावनी दी है कि अमेरिका अगर सीजफायर तोड़ने की कोशिश करेगा तो ईरान उसके खिलाफ मजबूत कार्रवाई करेगा।
इस दावे से कुछ घंटे पहले अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए हमले किए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि यह हमले 'सेल्फ डिफेंस' में किए गए।
ईरानी नावों को माइन्स बिछाते हुए देखा गया था और मिसाइल लॉन्च साइट्स भी निशाने पर थीं। अमेरिका का कहना है कि वे अपने सैनिकों की रक्षा कर रहे हैं और सीजफायर के दौरान संयम बरत रहे हैं।
ईरानी सेना ने राज्य मीडिया के जरिए कहा कि उन्होंने दुश्मन विमान को ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसते पाया। MQ-9 रीपर ड्रोन को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। F-35 पर फायरिंग के बाद उसे भागना पड़ा। RQ-4 इंटेलिजेंस ड्रोन पर भी अटैक किया गया।
ईरान लंबे समय से अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव झेल रहा है। यह नई घटना उस तनाव को और बढ़ा सकती है। दोनों तरफ से दावे और प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।
अमेरिका कह रहा है कि ईरानी बल उसके सैनिकों के लिए खतरा बन रहे थे, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी। वहीं ईरान इसे अपना हवाई क्षेत्र का उल्लंघन बता रहा है।
इस घटनाक्रम से गल्फ क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ गया है। MQ-9 रीपर अमेरिका का एक महत्वपूर्ण ड्रोन है, जो लंबी दूरी की निगरानी के लिए इस्तेमाल होता है। अगर IRGC का दावा सही है तो यह अमेरिका के लिए बड़ा झटका हो सकता है।
Updated on:
26 May 2026 07:31 pm
Published on:
26 May 2026 03:19 pm
