
Mojtaba Khamenei (File Photo)
अमेरिका (United States of America) के एक बार फिर ईरान (Iran) पर हमला करने से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान की मिसाइल लॉन्च साइट्स और माइन्स बिछाने वाली बोट्स को निशाना बनाया। अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स (Tim Hawkins) ने कहा कि अमेरिका ने सेल्फ डिफेंस में ये हमले किए। ईरान ने अमेरिकी हमलों की निंदा की है। इसी बीच अब ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने एक बड़ी बात कह दी है।
मोजतबा ने आज अपने टेलीग्राम चैनल पर मैसेज शेयर करते हुए कहा - "मिडिल ईस्ट की शक्तियाँ अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल नहीं बनेंगी और अमेरिका को मिडिल ईस्ट में अब कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं मिलेगी। समय पीछे नहीं चलता और इस क्षेत्र के देश और इलाके अब अमेरिकी ठिकानों के लिए ढाल नहीं बनेंगे। अमेरिका को अब इस क्षेत्र में बुराई के लिए या सैन्य ठिकाने स्थापित करने के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह मिलने की कोई गुंजाइश नहीं है।"
ईरान और अमेरिका में तनाव बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों में सीज़फायर के बीच बातचीत जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अनुसार दोनों देशों के बीच डील के लिए बातचीत आखिरी चरण में है।
इसी बीच ईरान के संवर्धित यूरेनियम पर ट्रंप ने नया बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम, जिसे वह परमाणु धूल भी कहते हैं, को नष्ट करने के लिए अमेरिका को सौंप दिया जाएगा या किसी स्वीकार्य स्थान पर इसे नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि यह निर्णय ईरान के साथ सहयोग और समन्वय" से लिया जाएगा, जो शांति समझौते तक पहुंचने के प्रयासों के बीच ईरान के रुख में नरमी का संकेत है। हालांकि ईरान की तरफ से साफ कर दिया गया है कि वो अपना यूरेनियम किसी देश को नहीं सौंपेगा लेकिन क्या वो किसी स्वीकार्य स्थान पर इसे नष्ट करने के लिए तैयार होगा? फिलहाल इस सवाल पर ईरान ने कोई जवाब नहीं दिया है। ईरान का संवर्धित यूरेनियम दोनों देशों के बीच डील के लिए एक अहम मुद्दा है, लेकिन इस पर सहमति बनी बन पा रही है।
Published on:
26 May 2026 01:48 pm
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