
Benjamin Netanyahu, Donald Trump and Mojtaba Khamenei
ईरान-अमेरिका इज़रायल युद्ध (Iran-US Israel) का आज 39वां दिन है। अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के आदेश पर ईरान के खिलाफ हमले तेज़ कर दिए गए हैं। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध में 45 दिन के सीज़फायर का भी प्रस्ताव दिया है और साथ ही धमकी भी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को नहीं खोला और युद्ध खत्म करने के लिए सीज़फायर समझौता करने से इनकार किया, तो ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को तबाह कर दिया जाएगा। ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) तक की डेडलाइन दी है। ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका आसानी से ईरान को तबाह कर सकता है। ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरान ने भी अमेरिका और इज़रायल को एक बड़ा झटका दे दिया है।
अमेरिका की तरफ से पेश किए गए सीज़फायर प्रस्ताव को ईरान ने ठुकरा दिया है। ईरान की स्टेट मीडिया ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरान ने अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ युद्ध में सीज़फायर प्रस्ताव को ग्रीन सिग्नल नहीं दिया है।
ईरानी स्टेट मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार ईरान चाहता है कि अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ चल रहे इस युद्ध का स्थायी अंत हो। ईरान ने युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए अमेरिका को 10 पॉइंट्स में जवाब भेजा है, जिसमें सीज़फायर को ग्रीन सिग्नल न देते हुए स्थायी युद्धविराम की दिशा में कदम उठाने को ज़रूरी बताया गया है।
इसी बीच अमेरिका के युद्ध मंत्री (रक्षा मंत्री) पीट हेग्सेथ (Pete Hegseth) ने ईरान को बड़ी धमकी दी है। हेग्सेथ ने कहा है कि आज ईरान पर सबसे बड़ा हमला होगा। संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका और इज़रायल, ईरान के पावर प्लांट्स, तेल के भंडार और पुलों को निशाना बना सकते हैं, जिसकी धमकी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी दे चुके हैं।
Updated on:
07 Apr 2026 07:10 am
Published on:
07 Apr 2026 06:34 am
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