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US-Iran War: ट्रंप के खिलाफ पोप लियो के बयान पर ईरान का समर्थन, गालिबाफ ने कहा- ‘पोप लियो के निडर रुख का सम्मान करते हैं’

Iran Supports Pope Leo's Statement: ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने पोप लियो के बयान का समर्थन किया है।

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Mohammad Bagher Ghalibaf, Speaker of the Iranian Parliament

मोहम्मद बागेर गालिबाफ, ईरानी संसद के स्पीकर (फोटो- ANI)

Pope Leo Criticism of Donald Trump: ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने पोप लियो XIV की युद्ध और हिंसा के खिलाफ दिए गए बयानों की तारीफ की है। गालिबाफ ने कहा कि पोप का संदेश बेगुनाहों की हत्या के खिलाफ एक नैतिक कदम है। उनकी बातें इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए युद्ध अपराधों के खिलाफ है।

पोप लियो के निडर कदम का सम्मान

गालिबाफ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'पोप लियो के निडर कदम का सम्मान! 'मुझे कोई डर नहीं है' की गूंज सुनाई देती है, जब वह इजरायल और अमेरिका के युद्ध अपराधों की निंदा करते हैं। यह नारा उन सभी लोगों के लिए रास्ता दिखाता है, जो बेगुनाहों की हत्या पर चुप रहने से इनकार करते हैं। @Pontifex का नेतृत्व लाखों लोगों को प्रेरित करता है। इस रोशनी के लिए धन्यवाद!

मेरा राजनीतिक टकराव में शामिल होने का इरादा नहीं

गालिबाफ की टिप्पणियां तब आई, जब पोप लियो XIV ने दुनिया में शांति और आध्यात्मिक वकालत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। पोप ने कहा कि उनका अमेरिका प्रशासन के साथ किसी भी राजनीतिक टकराव में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।

अल्जीरिया की यात्रा के दौरान विमान में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के साथ किसी भी तरह के राजनीतिक टकराव की संभावना से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग पढ़ेंगे, वे खुद निष्कर्ष निकाल सकते हैं। मैं राजनेता नहीं हूं और डोनाल्ड ट्रम्प के साथ बहस में नहीं पड़ना चाहता।

मेरा ध्यान शांति और सुलह पर केंद्रित है

पोप ने कहा कि उनका ध्यान शांति और सुलह पर केंद्रित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ट्रम्प प्रशासन से नहीं डरते, बल्कि उनका लक्ष्य युद्धों को समाप्त करना और बहुपक्षीय संवाद को बढ़ावा देना है। पोप ने कहा कि मैं युद्ध के खिलाफ ऊंची आवाज़ में बोलता रहूंगा, शांति को बढ़ावा देने की कोशिश करूंगा और देशों के बीच बहुपक्षीय संवाद स्थापित करने का प्रयास करूंगा।

पोप ने इस बात पर जोर दिया कि चर्च का संदेश सुसमाचार पर आधारित है, न कि राजनीति पर। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सुसमाचार का दुरुपयोग कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि धन्य हैं वे जो शांति स्थापित करते हैं। मैं अपनी भूमिका राजनेता के रूप में नहीं देखता। दुनिया में बहुत से लोग पीड़ित हैं।

अल्जीरियाई दौरे पर उन्होंने सेंट ऑगस्टीन की बात की

अल्जीरिया की यात्रा के ऐतिहासिक महत्व को बताते हुए पोप लियो XIV ने सेंट ऑगस्टीन के बारे में बात की। उनका मानना ​​है कि वे अलग-अलग धर्मों के बीच बातचीत में एक अहम पुल का काम करते हैं और अपने देश में उन्हें बहुत प्यार किया जाता है। पोप लियो ने मई में खुद को सेंट ऑगस्टीन का बेटा बताया था।