
US linked oil refinery (Photo - Washington Post)
ईरान (Iran) के खिलाफ अमेरिका (United States Of America) और इज़रायल (Israel) के हमले जारी हैं। आज इस युद्ध का 15वां दिन है और इसकी वजह से मिडिल ईस्ट में हाहाकार मचा हुआ है। जान-माल का भी काफी नुकसान हो चुका है और युद्ध की वजह से ईरान ने गैस-तेल के चुनिंदा जहाजों के अलावा अन्य सभी के होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से गुज़रने पर पाबंदी लगाई हुई है। इससे दुनियाभर में से तेल-गैस का संकट पैदा हो गया है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान की सख्ती से नाराज़ होकर अमेरिका ने ईरान के खार्ग आइलैंड (Kharg Island) पर सैन्य ठिकानों पर बमबारी की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खार्ग आइलैंड पर ईरान के तेल प्रोडक्शन की फैक्ट्रियों पर हमला नहीं किया, लेकिन धमकी दे दी कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर सख्ती नहीं छोड़ी, तो अमेरिकी सेना खार्ग आइलैंड पर ईरान के तेल प्रोडक्शन की फैक्ट्रियों पर हमले से भी पीछे नहीं हटेगी। ऐसे में अब ईरान ने भी अमेरिका को बड़ी धमकी दे दी है।
खार्ग आइलैंड पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान काफी गुस्से में है। ऐसे में ईरान ने धमकी दे दी है कि अब वो अमेरिका से जुड़े तेल के ठिकानों पर हमला करेगा और अमेरिका को गहरी चोट पहुंचाएगा।
ईरान अमेरिका में तेल के ठिकानों पर हमला नहीं कर सकता, लेकिन मिडिल ईस्ट में अमेरिका से जुड़े तेल के ठिकाने मौजूद हैं। कतर, सऊदी अरब ओमान, यूएई और इराक में अमेरिकी कंपनियों ExxonMobil, Chevron, Occidental Petroleum और ConocoPhillips के साथ पार्टनरशिप/सहयोग में तेल के ठिकानों का संचालन कर रही हैं। इसके अलावा बहरीन और कुवैत में स्थित कुछ तेल के ठिकानों से भी अमेरिकी हित जुड़े हुए हैं। अगर ईरान ने इन तेल के ठिकानों पर हमला किया, तो न सिर्फ इन देशों को बल्कि अमेरिका को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है। इसका असर वैश्विक तेल सप्लाई पर भी पड़ेगा और दुनियाभर में तेल-गैस का संकट और गंभीर हो सकता है।
Updated on:
14 Mar 2026 12:39 pm
Published on:
14 Mar 2026 12:38 pm
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