
Spokesperson for the Central Khatam al-Anbiya Headquarters (Photo/Iran State Media)
Middle East tension: ईरान पर पिछले महीने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद मध्य-पूर्व का तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इसके चलते कई देशों को ऊर्जा संकट से जूझना पड़ रहा है। इस क्षेत्र में लगातार तनाव के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि देश की सशस्त्र सेनाएं आक्रमण करने की कोशिश करने वाले किसी भी आक्रमणकारी के पैर काट देंगी यानी कड़ा जवाब देंगी। उधर ईरान की मीडिया ने दावा किया है कि यदि अमेरिका जमीनी हमला करता है तो रूस के चेचन लड़ाके ईरान की मदद के लिए तैयार हैं।
IRGC की ओर से यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान के खिलाफ सैन्य अभियान को 4-6 हफ्तों में खत्म करने पर विचार कर रहे हैं, भले ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) बंद ही क्यों न रहे। उनका मानना है कि ईरान की नौसेना और मिसाइल क्षमता को कमजोर करके अमेरिका अपने मुख्य लक्ष्य हासिल कर चुका है। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रपति का मानना है कि अमेरिका एक लंबी लड़ाई में उलझे बिना अपने मुख्य सैन्य लक्ष्यों को प्राप्त करके जीत की घोषणा कर सकता है।
इससे पहले ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अमेरिका पर गुप्त रूप से जमीनी आक्रमण की साजिश रचने का आरोप लगाया और कहा कि तेहरान इस तरह के हमलों के लिए तैयार है। इस दौरान उन्होंने खाड़ी देशों को भी चेतावनी दी कि जो अमेरिकी अपनी धरती से हमला करने की अनुमति दे रहे हैं, उनके खिलाफ भी कड़ा कदम उठाया जाएगा।
अमेरिकी की तरफ से जमीनी हमले की संभावनाओं के बीच ईरानी संसदीय सुरक्षा समिति ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रबंधन योजना' को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल (शुल्क) लगाने का प्रावधान शामिल है। इस प्लान के तहत अमेरिका और इजरायल को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने से रोक लगा दी गई है। उन देशों को भी इस मार्ग से गुजरने की इजाजत नहीं होगी, जो प्रत्यक्ष रूप से ईरान के खिलाफ रहे हैं।
Updated on:
31 Mar 2026 03:16 pm
Published on:
31 Mar 2026 02:34 pm
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