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Iran US War: ईरान युद्ध पर फोकस के चलते ट्रंप ने टाली चीन यात्रा, 5-6 हफ्ते बाद करेंगे दौरा

Iran US War के बीच ट्रंप ने टाली चीन यात्रा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, होर्मुज स्ट्रेट संकट और तेल बाजार पर पड़ते असर के बीच जानिए पूरा मामला।

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भारत

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Rahul Yadav

Mar 18, 2026

Iran US War

Iran US War | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Image: IANS)

Iran US War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रस्तावित चीन यात्रा को कुछ समय के लिए टाल दिया है। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता ईरान से जुड़े हालात और मिडिल ईस्ट में बनी तनावपूर्ण स्थिति है। इसी वजह से उन्होंने बीजिंग दौरे को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।

क्यों टाली गई चीन यात्रा

डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन के साथ मुलाकात के दौरान कहा कि वह इस महीने के अंत में चीन जाने वाले थे, लेकिन अब यह दौरा करीब 5 से 6 हफ्ते बाद होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए उनका अमेरिका में रहना ज्यादा जरूरी है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात तय है और दोनों नेता इस मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं।

ईरान से बढ़ते तनाव बना बड़ा कारण

चीन दौरे में देरी के पीछे सबसे बड़ा कारण ईरान से जुड़ा तनाव और सैन्य हालात को माना जा रहा है। ट्रंप इस समय मिडिल ईस्ट के हालात पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

उन्होंने हाल ही में चीन समेत कई देशों से अपील की थी कि वे होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) की सुरक्षा में सहयोग करें। यह इलाका दुनिया के तेल व्यापार के लिहाज से बेहद अहम है, जहां से लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है।

सहयोग को लेकर दुनिया की प्रतिक्रिया

ट्रंप ने चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों से होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद मांगी थी। हालांकि अब तक किसी भी देश ने स्पष्ट रूप से इसमें भागीदारी नहीं दिखाई है और चीन भी इस मुद्दे पर खुलकर सामने नहीं आया है।

ट्रंप का बयान

ट्रंप ने कहा कि, ''अमेरिका इस स्थिति से निपटने में बड़ी भूमिका निभा रहा है और अन्य देशों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने पहले संकेत दिए थे कि उनकी चीन यात्रा का समय कुछ हद तक अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर निर्भर हो सकता है।''

हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि यात्रा में बदलाव मुख्य रूप से परिस्थितियों और कार्यक्रम की वजह से हुआ है।

अमेरिका-चीन संबंधों पर असर

यह दौरा अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच हाल ही में व्यापार को लेकर तनाव रहा है, जिसके बाद एक अस्थायी समझौता हुआ था।

ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात को इस रिश्ते को और स्थिर करने के मौके के तौर पर देखा जा रहा है।

तेल और वैश्विक असर

ईरान से जुड़े तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अमेरिका में भी यह मुद्दा राजनीतिक रूप से अहम बन गया है, खासकर ऐसे समय में जब महंगाई पहले से ही एक बड़ी चिंता है।

ट्रंप ने इस बीच रूस के तेल को लेकर नीतिगत फैसलों में बदलाव के संकेत दिए और घरेलू तेल भंडार के उपयोग जैसे कदम भी उठाए हैं।

अब माना जा रहा है कि ट्रंप का चीन दौरा अगले कुछ हफ्तों में नई तारीख के साथ तय होगा। फिलहाल उनकी प्राथमिकता मिडिल ईस्ट के हालात और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखना है।