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‘अमेरिका की किसी भी मूर्खता का देंगे करारा जवाब’, ईरानी सेना की सीधी चेतावनी, मिडिल ईस्ट में फिर युद्ध की आहट?

Iran US War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शांति प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद युद्ध दोबारा भड़कने की आशंका बढ़ गई है।

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भारत

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Rahul Yadav

May 02, 2026

Iran America War Threat May 2026

Iran America War Threat May 2026 (AI Image)

Iran US War Update: मिडिल ईस्ट में शांति की कोशिशों के बीच बड़ा झटका लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। शनिवार को ईरानी सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच दोबारा युद्ध छिड़ सकता है। यह बयान तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

ईरानी सेना की चेतावनी: हम हर स्थिति के लिए तैयार

ईरानी सशस्त्र बल मुख्यालय के उप प्रमुख मोहम्मद जाफर असदी ने फारस न्यूज एजेंसी (Fars News Agency) से बात करते हुए अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी समझौते के प्रति ईमानदार नहीं है। असदी के मुताबिक, ईरानी सेना पूरी तरह सतर्क है और अगर अमेरिका कोई नई हरकत करता है तो उसका जवाब देने के लिए तैयार है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी अधिकारियों के बयान अक्सर सिर्फ मीडिया को ध्यान में रखकर दिए जाते हैं। उनका कहना है कि इन बयानों का मकसद तेल की कीमतों में गिरावट को रोकना और अपनी बनाई हुई स्थिति से बाहर निकलना होता है।

ट्रंप ने शांति प्रस्ताव ठुकराया

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि वह ईरान के प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन उसकी शर्तें स्वीकार करने लायक नहीं हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान का नेतृत्व बिखरा हुआ है और एकजुट नहीं है।

व्हाइट हाउस से फ्लोरिडा रवाना होते समय ट्रंप ने कहा कि वह इस प्रस्ताव से खुश नहीं हैं और मौजूदा शर्तों पर कोई समझौता संभव नहीं है।

ट्रंप का दावा: युद्ध खत्म हो चुका

हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान के साथ युद्धविराम के बाद संघर्ष खत्म हो चुका है। उन्होंने वॉर पावर्स रेजोल्यूशन को असंवैधानिक बताया है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस की मंजूरी के 60 से 90 दिनों से ज्यादा समय तक किसी विदेशी संघर्ष में सेना को शामिल रखने से रोकता है।

परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा, क्योंकि यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। उनके मुताबिक, अगर अमेरिका ने कार्रवाई नहीं की होती तो ईरान अब तक परमाणु शक्ति बन चुका होता, जिससे इजरायल, मिडिल ईस्ट और यूरोप के लिए गंभीर खतरा पैदा हो जाता। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं जाने दिए जा सकते।

क्या फिर शुरू होगा युद्ध?

ईरान और अमेरिका के बीच यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब हाल ही में दोनों देशों के बीच संघर्ष थमा था। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ यह टकराव 8 अप्रैल को एक अस्थायी युद्धविराम के बाद शांत हुआ था। बाद में इस युद्धविराम को दूसरी बार भी बढ़ाया गया, जिससे कुछ समय के लिए हालात नियंत्रण में रहे। हालांकि, अब ताजा बयान फिर से हालात बिगड़ने का संकेत दे रहे हैं।

दोनों देशों के बीच विवाद के कई बड़े कारण हैं। इनमें स्ट्रेट होर्मुज (Strait of Hormuz) सबसे अहम है जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है। इसके अलावा ईरान का परमाणु कार्यक्रम भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह यूरेनियम संवर्धन बंद करे, लेकिन ईरान इसके लिए तैयार नहीं है।

स्थिति तनावपूर्ण, दुनिया की नजरें टिकीं

फिलहाल हालात काफी नाजुक बने हुए हैं। एक तरफ अमेरिका सख्त रुख अपनाए हुए है, तो दूसरी तरफ ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में बातचीत का रास्ता निकलता है या फिर टकराव और बढ़ता है।